महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना के बीच निर्दलीयों की ‘जोर आजमाइश’

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के नेवासा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक शंकर राव गड़ाख ने सोमवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर समर्थन देने का ऐलान किया।

Written by: October 29, 2019 12:42 pm

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना दोनों ही सीएम पद को लेकर एक दूसरे के आमने-सामने हैं। दोनों ही पार्टियां निर्दलीयों को अपने पाले में खींचने की कवायद कर रही हैं। इसका मकसद अपनी संख्या बढ़ाकर दूसरी पार्टी पर दबाव बढ़ाना है।


बीजेपी ने अपनी ताकत दिखाते हुए दो निर्दलीय विधायकों को पार्टी में शामिल करा लिया। इससे पहले रविवार को 4 निर्दलीय विधायक शिवसेना में शामिल हुए थे। निर्दलीय विधायक विनोद अग्रवाल और महेश बालदी ने देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी को अपना समर्थन दे दिया है। इसके अलावा बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा करने वाले तीन निर्दलीय विधायकों में गीता जैन, राजेंद्र राउत और रवि राणा शामिल हैं। विधानसभा चुनाव में ये तीनों नेता बीजेपी से टिकट चाहते थे। ऐसा न होने पर उन्‍होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था।

उधर शिवसेना भी खुद को संख्या की दृष्टि से मजबूत कर रही है। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के नेवासा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक शंकर राव गड़ाख ने सोमवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर समर्थन देने का ऐलान किया। इससे पहले प्रहार जनशक्ति पार्टी के दो विधायकों ने शिवसेना को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी। ये दोनों सीटें विदर्भ के अमरावती जिले की हैं।


इसके अलावा रामटेक के विधायक आशीष जायसवाल और भंडारा के विधायक नरेंद्र भोंदेकार ने भी शिवसेना का दामन थाम लिया। ये दोनों विधायक निर्दलीय जीतकर आए हैं। इस तरह से शिवसेना के विधायकों की संख्या 61 पहुंच गई है। इस बढ़ी हुई संख्या से उत्साहित शिवसेना ने बीजेपी को यहां तक चेतावनी दे दी है कि वह सरकार गठन के लिए दूसरे विकल्प ढूंढने को विवश न करे ।