एयरपोर्ट तैयार ना होने का हवाला देकर ममता सरकार ने रोकी अमित शाह की लैंडिंग लेकिन पड़ताल में कुछ और ही पाया गया

पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने भाजपा को एक और झटका दिया है। 22 जनवरी को मालदा में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रैली से पहले तृणमूल कांग्रेस सरकार ने उनके हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। 

Avatar Written by: January 21, 2019 9:41 am

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने भाजपा को एक और झटका दिया है। 22 जनवरी को मालदा में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रैली से पहले तृणमूल कांग्रेस सरकार ने उनके हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। दरअसल, 22 जनवरी को अमित शाह पश्चिम बंगाल पहुंचेंगे। इसके बाद वह हेलिकॉप्टर से मालदा जिले में उत्तर बंगाल के पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक रैली करने वाले हैं।

amit shah and mamata banerjee

भाजपा की ओर से कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से मांगी गई अनुमति के जवाब में मालदा के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने लिखा, ‘मालदा डिवीजन के कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी (सिविल) की रिपोर्ट के अनुसार, मालदा हवाई अड्डे पर काम चल रहा है। इस कारण हवाई अड्डे के पास काफी मात्रा में रेत इकट्ठा की गई है। धूल और जीएसबी सामग्री रनवे के चारों ओर पड़ी हैं और साइट के चारों ओर ढेर है। इस कारण अस्थायी हेलिपैड का निर्माण संभव नहीं है। इस स्थिति में मालदा हवाई अड्डा हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग के लिए उपयुक्त नहीं है। इसलिए, अनुमति प्रदान करना संभव नहीं है।’

वहीं अंग्रेजी न्यूज चैनल  इंडिया टुडे के अनुसार मालदा एयरपोर्ट पर ग्राउंड जीरो पर जो पता चला वो प्रशासन के दावे से बिल्कुल उलट है। रनवे साफ है और हवाई अड्डे पर स्थानीय कर्मचारी ने अलग कहानी बताई। हवाई अड्डे के पास मौजूद कर्मचारी दीपाली दास ने कहा कि मंत्री और यात्री हेलीकॉप्टर से आते हैं। पूर्व में यहां सेवा अनियमित थी, लेकिन अब यह सेवा हर सप्ताह उपलब्ध है। यहां मैंने मिथुन चक्रवर्ती, ममता बनर्जी और देब को देखा है। यहां हेलीकॉप्टर उतरते हैं। सेवा शुरू होने से हम बहुत खुश हैं।

गौरतलब है कि दिसंबर से ही भारतीय जनता पार्टी राज्य भर में रथ यात्रा के जरिए जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करने वाली थी। लेकिन राज्य सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से भाजपा की रथ यात्राओं को अनुमति देने से इन्कार कर दिया था। बाद में यह मामला कोलकाता हाईकोर्ट पहुंचा। जहां पहले भाजपा को रथयात्रा की अनुमति नहीं मिली, बाद में हाईकोर्ट की एकल बेंच ने अनुमति दे दी थी, लेकिन डिविजनल कोर्ट ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

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