बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में था यह धनकुबेर आईएएस, छापेमारी में इनके घर से मिली संपत्ति जानकर आप हो जाएंगे हैरान

2007 से 2012 के बीच बसपा शासनकाल के दौरान नेतराम प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के तौर पर तैनात थे और ताकतवर अफसरों में उनकी गिनती होती थी। बताया जाता है कि कैबिनेट मंत्रियों को भी नेतराम से मिलने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने की तरह समय लेना पड़ता था।

Written by: March 15, 2019 10:05 am

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती के सचिव रहे रिटायर्ड आईएएस नेतराम के घर पर जब आयकर विभाग ने छापेमारी की तो अधिकारियों के होश उड़ गए। छापे में 300 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति समेत इतनी महंगी चीजें सामान मिले हैं कि खुद आयकर अधिकारी भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं इस छापेमारी में कोलकाता की 30 फर्जी कंपनियों में निवेश किए जाने के दस्तावेज जब्त किए गए हैं।Netaram

नेतराम ने काली कमाई से ही मुंबई, दिल्ली एवं कोलकाता में छह संपत्तियां बनाई हैं। 36 घंटे की कार्रवाई में लखनऊ एवं दिल्ली आवास से 2.14 करोड़ की नकदी जब्त की गई है। इसमें लखनऊ आवास से 18 लाख मिला तो एक लॉकर से 50 लाख रुपये बरामद हुए। मोंटब्लांक कंपनी का 50 लाख रुपये का पेन और चार लग्जरी कारें भी मिली हैं। घरों में मिनी थिएटर, जिम, महंगी फिटिंग भी मिली हैं।income tax

आयकर अफसरों की टीम ने मंगलवार सुबह सात बजे नेतराम के लखनऊ स्थित दो आवास चारबाग स्टेशन रोड एवं विशाल खंड तीन पर छापामारी करके जांच शुरू की थी। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम 7 बजे तक सैकड़ों करोड़ की अघोषित चल व अचल संपत्ति सामने आई है। करीब तीस शेल कंपनियों में से अधिकतर के मालिकाना हक, निदेशक पद और शेयर नेतराम के करीबी परिवारीजनों के पास ही हैं। इनमें उसके परिवार के सदस्य और ससुराल पक्ष के लोग शामिल हैं। हालांकि अधिकारियों ने ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने इन कंपनियों को लेकर कोई जानकारी नहीं होने की बात कही।mayawati

2007 से 2012 के बीच बसपा शासनकाल के दौरान नेतराम प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के तौर पर तैनात थे और ताकतवर अफसरों में उनकी गिनती होती थी। बताया जाता है कि कैबिनेट मंत्रियों को भी नेतराम से मिलने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने की तरह समय लेना पड़ता था।

उस वक्त उनके रसूख की तूती बोलती थी। यह अधिकारी उत्तर प्रदेश में आबकारी, गन्ना उद्योग विभाग, डाक एवं पंजीकरण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के प्रमुख रह चुके हैं। कहा यह भी जा रहा है कि यूपी कैडर के 1979 बैच का यह आईएएस अधिकारी इस बार बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में भी थे। उनकी गिनती बसपा सरकार में बेहद ताकतवर अफसरों में की जाती है।