माया बोलीं- ‘पत्नी को भी नहीं जिता पाए अखिलेश’, तो टूट जाएगा गठबंधन!

दिल्ली में यूपी हार की समीक्षा कर रही हैं मायावती। लोकसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा करते हुए बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि गठबंधन से चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। उन्होंने दावा किया कि यादव वोट ट्रांसफर नहीं हो पाया है। लिहाजा, अब गठबंधन की समीक्षा की जाएगी।

Written by: June 3, 2019 4:17 pm

नई दिल्ली। दिल्ली में यूपी हार की समीक्षा कर रही हैं मायावती। लोकसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा करते हुए बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि गठबंधन से चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। उन्होंने दावा किया कि यादव वोट ट्रांसफर नहीं हो पाया है। लिहाजा, अब गठबंधन की समीक्षा की जाएगी।

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मायावती ने तो ये भी बोल दिया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी पत्नी और भाई को भी चुनाव नहीं जिता पाए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मायावती के इस रुख के बाद सपा-बसपा गठबंधन टूट की कगार पर है।

दिल्ली में यूपी के सभी बसपा सांसदों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक में मायावती ने कहा कि पार्टी सभी विधानसभा उपचुनाव में लड़ेगी और अब 50 फीसदी वोट का लक्ष्य लेकर राजनीति करनी है। मायावती ने ईवीएम में धांधली का भी आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती से नवनिर्वाचित बसपा सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने ईवीएम घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे पैमाने पर घोटाला हुआ है। हम लोग पहले से कह रहे हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए, जिसे ना तो चुनाव आयोग मान रहा है, ना सरकार मान रही है।

छह राज्यों के चुनाव प्रभारियों की छुट्टी
बीएसपी प्रमुख मायावती ने सोमवार को पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों, जोन इंचार्ज और जिलाध्यक्षों को बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया। इसमें जिला के पार्टी अध्यक्षों के अलावा वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र भी मौजूद हैं। इससे पहले रविवार को मायावती ने छह राज्यों के लोकसभा चुनाव प्रभारियों को हटा दिया। इसके साथ ही उन्होंने तीन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को भी पद से बेदखल कर दिया।

बीएसपी ने इस बार के लोकसभा चुनाव में 2014 के मुकाबले भले ही बेहतर प्रदर्शन करते हुए 10 सीटें जीती हैं लेकिन उम्मीद के मुताबिक गठबंधन को कम सीटें मिली हैं। माना जा रहा है कि सोमवार की बैठक में संगठन में फेरबदल को लेकर अहम फैसला हो सकता है। पार्टी सूत्रों की मानें तो मायावती के रडार पर प्रदेश के 40 समन्वयक और जोनल समन्वयक हैं, जिन पर गाज गिर सकती है।