दुर्गा पूजा में “मसीहा” लालू और “राजमाता” राबड़ी, RSS ने जताया विरोध

झारखंड के रांची के एक दुर्गा पूजा पंडाल में कुछ ऐसा हुआ है जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां लालू प्रसाद यादव को गरीबों का मसीहा और राबड़ी देवी को राजमाता घोषित कर दिया गया है।

Written by: October 9, 2019 4:54 pm

नई दिल्ली। झारखंड के रांची के एक दुर्गा पूजा पंडाल में कुछ ऐसा हुआ है जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां लालू प्रसाद यादव को गरीबों का मसीहा और राबड़ी देवी को राजमाता घोषित कर दिया गया है। इतना ही नहीं उनकी आदमकद प्रतिमाएं भी मां दुर्गा के पास लगा दी गई हैं। आरएसएस ने इसका जमकर विरोध किया है

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रांची के नामकुम में स्थित नवयुवक संघ के पूजा पंडाल में लालू प्रसाद की एक ऐसी मूर्ति बनायी गयी है जिसमें धोती-कुर्ता पहने लालू पर गरीबों के मसीहा लिखा हुआ है। वहीं दूसरी ओर चमकती साड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की भी प्रतिमा है। इसके हाथ में हरे रंग की लालटेन है। इस प्रतिमा पर राजमाता राबड़ी देवी लिखा गया है।

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद इन दिनों चारा घोटाले में सजा काट रहे हैं। मामले को राजनीतिक रंग इस बात से मिल गया क्योंकि नवयुवक संघ के पूजा पंडाल में लगाई गई लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की प्रतिमा के हाथों में तख्ती और लालटेन है। इस पंडाल के अंदर सैकड़ों लालटेन लगाई गई हैं।

इधर राष्ट्रीय जनता दल ने अपने ट्विटर पर इसकी एक तस्वीर भी शेयर की है। लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने इसके लिए आयोजकों का आभार भी जताया है। राजद के ट्विटर हैंडल से लिखा गया है, ‘रांची, झारखंड के नवयुवक संघ को राजद परिवार तहेदिल से आभार प्रकट करता है कि आपने गरीबों, उपेक्षितों, उत्पीड़ितों, उपहासितों, वंचितों के मसीहा लालू जी के सामाजिक कार्यों को कला के माध्यम से रेखांकित करने का सराहनीय कार्य किया है। आप इसके लिए बधाई के पात्र हैं।

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वहीं आरएसएस के नेता माता दुर्गा के समकक्ष लगाई गई लालू व राबड़ी देवी की प्रतिमा का जमकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि मां दुर्गा के सामने लालू व राबड़ी की प्रतिमा स्थापित करना बेहद गलत है। नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा की जाती है। माता के समकक्ष लालू व राबड़ी की प्रतिमा लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है।