‘मेट्रो मैन’ ने किया ‘आप’ के मुफ्त सफर का विरोध, याद किया स्थापना के दौरान जो अटल जी ने कहा था

दिल्ली मेट्रो के पहले प्रबंध निदेशक ई श्रीधरन ने केजरीवाल द्वारा दिल्ली मेट्रो में महिलाओं को मुफ़्त यात्रा की सुविधा देने को मेट्रो के लिए ठीक नहीं बताया है।

Written by: June 14, 2019 5:24 pm

नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो के पहले प्रबंध निदेशक ई श्रीधरन ने केजरीवाल द्वारा दिल्ली मेट्रो में महिलाओं को मुफ़्त यात्रा की सुविधा देने को मेट्रो के लिए ठीक नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली मेट्रो के लिए नुकसानदायक होगा।

केजरीवाल सरकार के इस प्लान की जगह सुझाव देते हुए ई श्रीधरन ने कहा कि, मुफ्त की सुविधा देने की बजाय महिलाओं को सब्सिडी देनी चाहिए और सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा किया जाना चाहिए। इस विषय में ‘मेट्रो मैन’ के नाम से विख्यात श्रीधरन ने 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव पर नाख़ुशी जतायी है।

पत्र में श्रीधरन ने कहा है कि अगर सरकार वास्तव में किसी को मुफ़्त यात्रा सुविधा देने के लिए कोई उपाय करना चाहती है तो इसके लिए मेट्रो की मौजूदा प्रणाली में कोई बदलाव करने की जगह लाभार्थी को लाभ राशि सीधे उसके बैंक खाते में देना (डीबीटी) बेहतर उपाय होगा।

उन्होंने कहा, ‘मेट्रो के व्यवस्थित तंत्र को बनाए रखने के लिए 2002 में मेट्रो सेवा शुरू होने के समय ही हमने किसी तरह की सब्सिडी नहीं देने का सैद्धांतिक फ़ैसला किया था और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी इसकी प्रशंसा की थी। इतना ही नहीं अटल जी ने भी उद्घाटन के समय खुद टिकट खरीदकर मेट्रो यात्रा कर इस बात का संदेश दिया था कि मेट्रो सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है।’

श्रीधरन ने इस बात पर जोर दिया कि सब्सिडी देने की परम्परा से मेट्रो प्रबंधन द्वारा विदेशी एजेंसियों से लिया गया क़र्ज़ अदा करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो की इस प्रतिबद्धता का पालन देश के अन्य शहरों की मेट्रो सेवा द्वारा भी किया जा रहा है।

लाजिमी सी बात है कि अगर दिल्ली में महिलाओं को फ्री की सुविधा देने का प्रचलन शुरू हुआ तो इसकी मांग अन्य राज्यों में भी होगी। ऐसे में मेट्रों की सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।