मोदी राज में सरकारी विभागों की सफाई का सिलसिला लगातार जारी, रिटायर किए गए 15 अफसर

नरेंद्र मोदी सरकार 2.0 में सरकारी विभागों की सफाई का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को फिर एक बार सरकार द्वारा वित्त मंत्रालय के 15 सीनियर अफसरों को जबरन रिटायर करने का फैसला लिया है। इनमें मुख्य आयुक्त, आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

Written by: June 18, 2019 4:45 pm

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार 2.0 में सरकारी विभागों की सफाई का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को फिर एक बार सरकार द्वारा वित्त मंत्रालय के 15 सीनियर अफसरों को जबरन रिटायर करने का फैसला लिया है। इनमें मुख्य आयुक्त, आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

बता दें कि पिछले हफ्ते भी मोदी सरकार द्वारा नियम 56 के तहत रिटायर किए गए सभी अधिकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में चीफ कमिश्नर, प्रिंसिपल कमिश्नर्स और कमिश्नर जैसे पदों पर तैनात थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से कई अफसरों पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार, अवैध और बेहिसाब संपत्ति के अलावा यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप थे।

बता दें कि मंगलवार को भी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और कस्टम विभाग के अधिकारियों को जबरन रिटायर किया गया है, जिन पर भ्रष्टाचार, अवैध और बेहिसाब संपत्ति जैसे कई गंभीर आरोप हैं। इनमें प्रिंसिपल कमिश्नर डॉ. अनूप श्रीवास्तव, कमिश्नर अतुल दीक्ष‍ित, कमिश्नर संसार चंद, कमिश्नर हर्षा, कमिश्नर विनय व्रिज सिंह, अडिशनल कमिश्नर अशोक महिदा, अडिशनल कमिश्नर वीरेंद्र अग्रवाल, डिप्टी कमिश्नर अमरेश जैन, ज्वाइंट कमिश्नर नलिन कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर एसएस पाब्ना प्रमुख हैं।

इसके पहले भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभालते ही सख्त फैसला लिया था। पिछले हफ्ते टैक्स विभाग के ही 12 वरिष्ठ अफसरों को जबरन रिटायर कर दिया गया था।

डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के नियम 56 के तहत वित्त मंत्रालय के इन अफसरों को सरकार समय से पहले ही रिटायरमेंट दे रही है। इस तरह अब तक कुल 27 अफसरों को जबरन रिटायर कर दिया गया है।

क्या है नियम 56?
रूल 56 का इस्तेमाल ऐसे अधिकारियों पर किया जा सकता है जो 50 से 55 साल की उम्र के हों और 30 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हो। सरकार के जरिए ऐसे अधिकारियों को अनिर्वाय रिटायरमेंट दिया जा सकता है। ऐसा करने के पीछे सरकार का मकसद नॉन-फॉर्मिंग सरकारी सेवक को रिटायर करना होता है।

माना जा रहा है कि ऐसा करने के पीछे सरकार की मंशा आलसी और न के बराबर काम करने वाले अधिकारियों को सेवामुक्त करना है। रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार ने खराब परफॉर्मेंस वाले अधिकारियों की लिस्ट भी बनाई है, जिसके तहत उन्हें हटाया जा रहा है।

‘चमकी बुखार’ पर WHO की इस रिपोर्ट के बाद भी नहीं जागी सरकार