मोदी सरकार ने किया साफ, नहीं घटी है उपभोक्ताओं की खर्च सीमा, राहुल-प्रियंका को करारा झटका

प्रेस रीलीज में कहा गया है कि, ‘मंत्रालय ने NSS द्वारा उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण के बारे में मीडिया रिपोर्टों को देखा है जिसमें कहा गया है कि उपभोक्ता खर्च गिर रहा है और रिपोर्ट को ‘प्रतिकूल’ निष्कर्षों के कारण रोक दिया गया है।

Written by: November 15, 2019 7:47 pm

नई दिल्ली। पिछले दिनों मीडिया पर ऐसी खबरें चल रही थी कि, देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती है और इस वजह से देश में उपभोक्ता की खर्च सीमा घट गई है। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने इन सारे खबरों का खंडन किया है और प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है कि, जो खबरें चल रही है वो पूरी तरह से गलत है।

modi amit shah

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि, ‘मंत्रालय ने NSS द्वारा उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण के बारे में मीडिया रिपोर्टों को देखा है जिसमें कहा गया है कि उपभोक्ता खर्च गिर रहा है और रिपोर्ट को ‘प्रतिकूल’ निष्कर्षों के कारण रोक दिया गया है। हम सशक्त रूप से यह बताना चाहते हैं कि डेटा और रिपोर्ट के सर्वेक्षण के लिए एक कठोर प्रक्रिया है जो सर्वेक्षणों के माध्यम से निर्मित होती है। ऐसे सभी प्रस्तुतियां जो मंत्रालय में आती हैं, जो एक मसौदे के तौर पर होती हैं और वह अंतिम रिपोर्ट नहीं मानी जा सकती’।

इसके साथ ही रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि, ‘इसके अलावा सर्वेक्षण के परिणामों की जांच की गई और यह नोट किया गया कि उपभोग पैटर्न में न केवल स्तरों में विचलन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, बल्कि अन्य प्रशासनिक डेटा स्रोतों की तुलना में कमी भी साफ नजर आ रही है।

modi amit shah

प्रेस विज्ञप्ति में लिखा है, विशेष रूप से स्वास्थ्य और शिक्षा पर परिवारों द्वारा सामाजिक सेवाओं की खपत को पकड़ने के लिए सर्वेक्षण उपकरण की संवेदनशीलता के बारे में भी चिंता व्यक्त की गई। इस प्रकार यह मामला विशेषज्ञों की एक समिति को भेजा गया था जिसने विसंगतियों को नोट किया और सर्वेक्षण पद्धति में शोधन और समवर्ती आधार पर डेटा गुणवत्ता पहलुओं में सुधार सहित कई सिफारिशों के साथ इसे वापिस भेजा। भविष्य के किए जानेवाले ऐसे सर्वेक्षणों में कार्यान्वयन के लिए समिति की सिफारिशों की जांच की जा रही है।

राहुल-प्रियंका ने किया था वार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को उपभोक्ता खर्च में गिरावट वाली सरकार की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- ‘मोदीनॉमिक्स’ (मोदी सरकार की अर्थव्यवस्था) इतनी खराब हो गई है कि सरकार को अपनी ही रिपोर्ट छिपानी पड़ रही है।

rahul gandhi alliance

इस बात पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। वे राफेल मुद्दे पर की गई टिप्पणी के लिए राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें तुगलक रोड पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

priyanka gandhi

इसके साथ ही प्रियंका गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘‘शेखचिल्ली के लतीफ़ों के बारे में ख़ास बात ये थी कि डींगें बड़ी-बड़ी होती थीं, लेकिन असल काम में सब चौपट। भाजपा सरकार भी डींगें हांकने के लिए डाटा छिपाने में लगी है।’’

जिस रिपोर्ट को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा विपक्ष आखिर उसमें है क्या

ग्रामीण क्षेत्रों में भी मांग कमजोर होने की वजह से 1973 के बाद पहली बार वित्त वर्ष 2017-18 में देश में उपभोक्ता व्यय में कमी आई है। बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (NSO) की कथ‍ित लीक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। यह इस बात का संकेत है कि देश में गरीबी बढ़ रही है।Consumer

NSO से जुड़े नेशनल सेम्पल सर्वे ऑर्गनाइजेशन (NSSO) के द्वारा किए गए खपत पर सर्वे ‘की इंडिकेटर्स: हाउसहोल्ड कंज्यूमर एक्सपेंडीचर इन इंडिया’ के अखबार में लीक रिपोर्ट से यह खुलासा होता है कि देश में प्रति व्यक्ति औसत मासिक खर्च में 3.7 फीसदी की गिरावट आई है। यह वित्त वर्ष 2011-12 के 1,501 रुपये घटकर वित्त वर्ष 2017-18 में 1,446 रुपये रह गया है। इस आंकड़े को वित्त वर्ष 2009-10 को बेस ईयर मानते हुए महंगाई के हिसाब से समायोजित किया गया है।