Big News: मोदी सरकार ने कैसा रॉबर्ट वाड्रा पर कसा शिकंजा, की वाड्रा पर बड़ी कार्रवाई !

Avatar Written by: June 25, 2018 7:47 pm

नई दिल्ली। सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा पर मोदी सरकार ने सख्त कदम उठाया है। मोदी सरकार के इस कड़े फैसले के बाद एक बार फिर रॉबर्ट वाड्रा मुश्किल में फंस गए है।

दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा वाड्रा पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसा है। आयकर विभाग ने वाड्रा को 42 करोड़ रुपये के अज्ञात आय के मामले में नोटिस दिया है। इतना ही नहीं आयकर विभाग ने वाड्रा को नोटिस जारी करके अज्ञात स्रोतों से आय करने के मामले में 25 करोड़ रुपए जमा करने का आदेश भी दिया है। इस राशि को जमा करने के लिए आयकर विभाग ने मात्र 30 दिनों का वक्त दिया है। priyanka-robert-vadra

यह मामला स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से जुड़ा हुआ है। इसमें वाड्रा के पास 99% का मालिकाना हक है। वाड्रा ने इस मामले को पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। दोनों ही जगह उनकी मांग खारिज कर दी गई। वाड्रा ने इनकम टैक्स के नोटिस को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि उनकी कंपनी लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप में थी, जबकि इनकम टैक्स के नोटिस में इसे प्राइवेट लिमिटेड पार्टनरशिप बताया गया है।

गौरतलब है कि पिछले साल ही प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में दो लोगों जयप्रकाश बागरवा और अशोक कुमार को गिरफ्तार भी किया था। अशोक कुमार स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के महेश नागर का करीबी सहयोगी है। दोनों को धन शोधन रोकथाम कानून पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया गया है।priyanka-robert-vadra

आरोप है कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी फर्म कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी है। एजेंसी ने पिछले साल अप्रैल में कुमार और नागर के परिसरों की तलाशी ली थी। ऐसा कहा जाता है कि इस फर्म द्वारा बीकानेर में जमीन खरीद के चार मामलों में आधिकारिक प्रतिनिधि नागर ही था।

एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कुमार ने अन्य लोगों की पावर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल कर इसी क्षेत्र में जमीन खरीदी थी. प्रवर्तन निदेशालय ईडी की यह जांच कुछ वर्ष पहले राजस्थान में बीकानेर जिले के कोलायत क्षेत्र में कंपनी द्वारा कथित रूप से 275 बीघा जमीन खरीदे जाने से जुड़ी है।vadra

पीएमएलए के तहत ईडी ने इस संबंध में कई सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों की 1.18 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति कुर्क की है। ईडी ने इस संबंध में 2015 में मामला दर्ज किया था। रॉबर्ट वाड्रा की तरफ से जमीन खरीदने की अथॉरिटी महेश नागर के पास थी। दूसरी पार्टी की तरफ से अथॉरिटी अशोक कुमार के पास थी।

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