पीएम मोदी ने रूस में पूरी दुनिया के सामने भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने का संकल्प लिया

पीएम मोदी ने भारत-रूस की दोस्ती पर बात की और अपनी नीति को दुनिया के सामने रखा। ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस कार्यक्रम के लिए मुझे भारत में चुनाव से पहले ही निमंत्रण दे दिया था।

Written by: September 5, 2019 3:00 pm

नई दिल्ली। गुरुवार को रूस के व्लादिवोस्तोक में ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम (EEF) को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पूरी दुनिया के सामने भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि हम पांच खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

इस दौरान पीएम मोदी ने भारत-रूस की दोस्ती पर बात की और अपनी नीति को दुनिया के सामने रखा। ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस कार्यक्रम के लिए मुझे भारत में चुनाव से पहले ही निमंत्रण दे दिया था। 130 करोड़ लोगों ने मुझपर भरोसा जताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरी सरकार एक्ट ईस्ट मिशन पर काम कर रही है। इसी के तहत भारत और रूस के बीच करीब 50 से अधिक व्यापारिक समझौते हुए हैं।

दोनों देशों के रिश्तों पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुझे राष्ट्रपति पुतिन के साथ रूस की प्रतिभा को जानने का मौका मिला, जिसने मुझे बहुत प्रभावित किया है। भारत और पूर्वी हिस्से का रिश्ता बहुत पुराना है, भारत पहला देश है जिसने व्लादिवोस्तोक में अपना दूतावास खोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोवियत रूस के वक्त भी भारत-रूस का रिश्ता मजबूत था। व्लादिवोस्तोक दोनों देशों के लिए एक अहम स्थान बना है, भारत ने यहां पर एनर्जी सेक्टर और दूसरे रिसॉर्स में निवेश किया है।

EEF कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन की रूस के इस हिस्से के लिए रुचि काफी ज्यादा है, जो उनकी नीति में झलकती है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत कदम से कदम मिलाकर रूस के साथ चलना चाहता है। भारत में हम सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं, 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस के साथ आनेपर विकास की रफ्तार को 1+1= 11 बनाने का मौका है। हाल ही में हमारे देश से कई नेता यहां पर आए और कई विषयों पर चर्चा की। भारत प्रकृति को बचाने के लिए कई कदम उठा रहा है। PM मोदी ने कहा कि पूर्वी हिस्से में विकास के लिए भारत 1 बिलियन डॉलर का लाइन ऑफ क्रेडिट देगा। PM मोदी ने इस दौरान रूस के इस पूर्वी हिस्से के सभी 11 गवर्नरों को भारत आने का न्योता दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत-रूस के संबंध ऐतिहासिक मुकाम पर हैं। भारत और रूस मिलकर स्पेस की दूरियां पार करेंगे और समंदर की गहराइयों को मापेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही चेन्नई और व्लादिवोस्तोक के बीच शिप चलेंगे।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि भारत इस साल महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है। टॉलस्टॉय और गांधीजी ने एक दूसरे पर अमिट छाप छोड़ी थी। पीएम ने इस दौरान जिक्र किया कि गुजरात में बाय-बाय की जगह आवो जू कहते हैं, यहां कहते हैं दस्विदानिया जिसका मतलब है कि जल्द फिर मिलेंगे।