मोदी के नए मंत्रिमंडल में उप्र से ‘नवरत्न’ शामिल

राजनाथ सिंह ने लखनऊ लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर गठबंधन की तरफ से सपा प्रत्याशी पूनम सिन्हा को करीब तीन लाख 47 हजार 302 वोटों से शिकस्त दी और संसद पहुंचे।

Written by: May 31, 2019 8:03 pm

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश से नौ रत्न शामिल किए गए हैं। इनमें चार कैबिनेट स्तर के, दो राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और तीन राज्यमंत्री बनाए गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि लखनऊ से दूसरी बार जीते राजनाथ सिंह को रक्षामंत्री बनाया गया है। वह इससे पहले की मोदी सरकार में गृहमंत्री थे। वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के बाद राजनाथ सिंह ही ऐसे नेता हैं जो पार्टी के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं।


राजनाथ सिंह ने अपने अध्यक्षकाल में ही वर्ष 2013 में प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम को आगे बढ़ाया था। हालांकि पार्टी के कई नेता इस बात पर सहमत नहीं थे, लेकिन राजनाथ सिंह दृढ़ रहे। वह वाजपेयी की अगुवाई वाली राजग सरकार में कृषि मंत्री भी रह चुके हैं। वर्ष 2014 में बनी मोदी सरकार में वह ‘नंबर दो’ की हैसियत में थे। इस बार यह हैसियत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के पास चली गई है।

राजनाथ सिंह ने लखनऊ लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर गठबंधन की तरफ से सपा प्रत्याशी पूनम सिन्हा को करीब तीन लाख 47 हजार 302 वोटों से शिकस्त दी और संसद पहुंचे।


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को गांधी परिवार के गढ़ में हराने वाली स्मृति ईरानी को राहुल की चाची मेनका गांधी का मंत्रालय सौंपा गया है। इस बार उन्हें महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय और कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। स्मृति ईरानी की अमेठी से बहुत बड़ी जीत है। यहां से संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के अलावा राहुल गांधी सांसद रहे हैं, इसलिए यह कांग्रेस की परंपरागत सीट मानी जाती रही है।

स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को 54 हजार सात सौ 31 वोटों से हराया। अमेठी में स्मृति ईरानी को कुल चार लाख 67 हजार पांच सौ 98 वोट मिले, जबकि राहुल गांधी को चार लाख बारह हजार 8 सौ 67 वोट मिले।

स्मृति ईरानी ने वर्ष 2014 का चुनाव अमेठी से ही राहुल गांधी के खिलाफ लड़ा था, लेकिन मोदी लहर के बावजूद हार गईं। इसके बावजूद मोदी सरकार में उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्री का पद मिला। जुलाई 2016 में फेरबदल हुआ और उन्हें कपड़ा मंत्रालय का प्रभार मिला। इसके बावजूद वह लगातार अमेठी में सक्रिय रहीं। इसी कारण उन्हें जनता ने जीत का तोहफा दिया। मोदी सरकार में इस बार उन्हें महत्वपूर्ण पद से नावाजा गया है।


उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष तथा चंदौली से सांसद डॉ़ महेंद्रनाथ पांडेय को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है। वह पहली मोदी सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। महेंद्रनाथ को उप्र भाजपा में ब्राह्मण का चेहरा माना जाता है।

उन्होंने चंदौली सीट से दोबारा जीत दर्ज की है। वह सपा-बसपा गठबंधन के संजय चौहान को हराकर सांसद बने। जबकि कांग्रेस ने शिवकन्या कुशवाहा पर दांव लगाया था। उनके नेतृत्व में भाजपा ने 62 सीटों पर सीट दर्ज की है। इसी का इनाम देते हुए उन्हें मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने हैं।


राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को करारी पटखनी देने वाले डॉ़ संजीव बालियान को केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार में वह फिर से मंत्री बने। उन्हें पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है। सपा व बसपा के साथ गठबंधन के कारण मुजफ्फरनगर से राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी चौधरी अजित सिंह को अपनी जीत तय लग रही थी। इसके बाद भी संजीव बालियान ने 6526 वोट से जीत दर्ज कर ली।

जाटलैंड कहे जाने वाले मुजफ्फरनगर संसदीय सीट से बालियान दोबारा संसद पहुंचे हैं। वर्ष 2014 से 2017 तक मोदी सरकार में उन्होंने कई मंत्रालयों को संभाला था। वर्ष 2014 में उन्हें राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन सरकार में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। जुलाई 2016 में उन्हें राज्यमंत्री जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन सिंतबर 2017 में उनको केंद्रीय कैबिनेट से बाहर कर दिया गया।


इसके अलावा बरेली से आठवीं बार सांसद बने संतोष गंगवार को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है। वह स्वतंत्र प्रभार के मंत्री बनाए गए हैं। उप्र से राज्यसभा सांसद हरदीप सिंह पुरी को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार के तहत) आवास और शहरी, नागरिक उड्डयन मंत्रालय तथा वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय संभालेंगे।


पूर्व थलसेना अध्यक्ष व गाजियाबाद से सांसद जनरल वी.के. सिंह को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में राज्यमंत्री बने हैं। फतेहपुर से सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली है।