बीहड़ के इस सबसे खतरनाक डाकू को यूं आई पीएम मोदी की याद!

जिसके नाम से एक जमाने में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीहड़ कांपते थे, डाकुओं का वो सरदार आज पीएम मोदी को याद कर रहा है। पूर्व डाकू मोहर सिंह ने मंदिरों की खातिर पीएम मोदी से गुहार लगाई है।

Written by: September 20, 2019 3:47 pm

नई दिल्ली। जिसके नाम से एक जमाने में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीहड़ कांपते थे, डाकुओं का वो सरदार आज पीएम मोदी को याद कर रहा है। पूर्व डाकू मोहर सिंह ने मंदिरों की खातिर पीएम मोदी से गुहार लगाई है। उन्हें खत लिखा है। मोहर सिंह की बटेश्वर के मंदिर में जबरदस्त आस्था है। मगर बटेश्वर का ये मंदिर अब जीर्ण शीर्ण हो चुका है।

pm modi

मोहर सिंह इसी मंदिर का नव निर्माण चाहते हैं। मुरैना के बटेश्वर में गुप्तकाल से लेकर गुर्जर प्रतिहार काल के करीब 200 ऐसे मंदिर हैं जो बेहद खस्ताहाल स्थिति में हैं। इनकी देखरेख करने वाला कोई नही है। बटेश्वर के मंदिरों की श्रृंखला मुरैना के दूर दराज इलाकों तक फैली हुई है। कभी इसी इलाके में मोहर सिंह का दबदबा हुआ करता था।

एएसआई ने करीब 14 साल पहले इनके जीर्णाद्धार का काम शुरू किया था मगर बाद में सब ठप्प हो गया। बट्टेश्वर में कुख्यात डाकू निर्भय सिंह गुज्जर, मोहर सिंह और तहसीलदार सिंह का राज हुआ करता था। उस जमाने में ये मंदिर इन डाकुओं की आस्था का केंद्र था। उस वक्त के ग्वालियर जोन के डायरेक्टर रहे केके मोहम्मद ने इन मंदिरों के जीर्णोद्वार में बेहद ही अहम भूमिका निभाई थी।

मगर साल 2013 के बाद से सब कुछ ठप्प पड़ा है। अवैध खनन और चोरी की वारदातों के चलते ये मंदिर अब अस्तित्व हीन होते जा रहे हैं। एक जमाने में बीहड़ में आतंक का पर्याय रहे डाकू मोहर सिंह ने साल 1972 में जय प्रकाश नारायण के आह्वान पर आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद वे कई साल तक जेल में रहे।