एक राष्ट्र-एक चुनाव पर हुई बैठक, राजनाथ सिंह ने कहा- बनाई जाएगी कमेटी

‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के मुद्दे को लेकर हुई बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक कमेटी बनाई जाएगी, जो इसके सभी पक्षों पर विचार करके अपनी रिपोर्ट देगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि बैठक में 24 पार्टियों का प्रतिनिधित्व रहा। उन्होंने कहा कि लगभग सभी पार्टियों ने एक देश-एक चुनाव के मुद्दे को लेकर अपना समर्थन दिया है।

Written by Newsroom Staff June 19, 2019 8:48 pm

नई दिल्ली। ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के मुद्दे को लेकर हुई बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक कमेटी बनाई जाएगी, जो इसके सभी पक्षों पर विचार करके अपनी रिपोर्ट देगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि बैठक में 24 पार्टियों का प्रतिनिधित्व रहा। उन्होंने कहा कि लगभग सभी पार्टियों ने एक देश-एक चुनाव के मुद्दे को लेकर अपना समर्थन दिया है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि बैठक में सिर्फ सीपीआई और सीपीएम ने क्रियान्वयन को लेकर आशंका जाहिर की है। हालांकि इन दोनों पार्टियों ने भी सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाया है। बता दें कि सरकार की तरफ से 40 पार्टियों को बैठक में बुलाया गया था। कांग्रेस, एसपी, बीएसपी, आम आदमी पार्टी, टीएमसी जैसी कई पार्टियों ने इस बैठक में शिरकत नहीं की।

रक्षा मंत्री ने बताया कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस संबंध में एक कमेटी का गठन किया जाएगा। जो निर्धारित सीमा में इससे जुड़े सभी पक्षों पर विचार करके अपने सुझाव देगी। कमेटी बनाने का काम पीएम की तरफ से होगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि इस बैठक के दौरान पीएम ने अपने उद्बोधन में कहा कि बैठक में पेश किए गए मुद्दे सरकार का अजेंडा नहीं है, बल्कि देश का अजेंडा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सभी दलों को विश्वास लेकर ही हम आगे बढ़ेंगे। यदि विचार में कोई मतभेद होगा तो उसका भी सम्मान किया जाएगा। बैठक में 21 पार्टियों के अध्यक्ष मौजूद थे, साथ ही 3 पार्टियों के अध्यक्षों ने व्यस्तता के कारण बैठक में आने में असमर्थता जाहिर की, लेकिन उन्होंने पत्र के माध्यम से इन मुद्दों पर अपने विचार रखे।

गांधी जयंती पर विचार
राजनाथ सिंह ने बताया कि बैठक में शामिल कई सदस्यों ने जोर देकर कहा कि आने वाली पीढ़ी को महात्मा गांधी के आदर्शों के बारे में बताया जाना जरूरी है। इसके लिए महात्मा गांधी की 150वीं जयंती एक ऐसा अवसर है, जिसमें इस लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी दलों का यह भी मानना था कि देश में सुनियोजित और व्यापक विकास के लिए हम इस अवसर पर कुछ ठोस संकल्प ले सकते हैं, जो 2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ तक पूरे हो जाएं।

कई दलों ने किया किनारा
मायावती ने ट्वीट कर कहा कि अगर ईवीएम के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक होती तो वह इसमें जरूर शामिल होतीं। बैठक से कांग्रेस, एसपी और टीएमसी भी गायब है। एसपी ने कहा था कि वह इस मुद्दे के विरोध में है।

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