30 साल में डूब सकते हैं मुंबई, कोलकाता, सूरत और चेन्नई, अमेरिकी क्लाइमेट रिपोर्ट का दावा

इस रिपोर्ट के मुताबिक देश के मुंबई और कोलकाता समेत कई तटीय इलाको पर संकट के बादल छा चुके हैं है। अमेरिकी संस्थान क्लाइमेट सेंट्रल की एक रिपोर्ट के अनुसार 21वी सदी के बीच तक ग्लोबल वार्मिंग के चलते समुद्र का जल-स्तर तेजी से बढ़ सकता है।

Avatar Written by: October 31, 2019 1:48 pm

नई दिल्ली। समुद्र का बढ़ता जलस्तर देश के कई बड़े शहरों के लिए खतरे की घंटी बन चुका है। यह तमाम शहर अगले 30 सालों में डूब सकते हैं। अमेरिका के एक क्लाइमेट संस्थान की यह रिपोर्ट जितनी चौकाने वाली है उतनी ही डराने वाली भी है।

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इस रिपोर्ट के मुताबिक देश के मुंबई और कोलकाता समेत कई तटीय इलाको पर संकट के बादल छा चुके हैं है। अमेरिकी संस्थान क्लाइमेट सेंट्रल की एक रिपोर्ट के अनुसार 21वी सदी के बीच तक ग्लोबल वार्मिंग के चलते समुद्र का जल-स्तर तेजी से बढ़ सकता है। इससे भारत भी अछूता नहीं रहेगा। करीब 30 साल बाद मुंबई, कोलकाता समेत देश के कई तटीय इलाके डूब जाएंगे। या फिर इन्हें हर साल भयानक बाढ़ का सामना करना पड़ेगा। इन इलाकों को मॉनसूनी मौसम में भारी बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।

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देश के तटीय इलाको में बसी 3.60 करोड़ आबादी भयावह प्राकृतिक आपदा के खतरे का सामना कर रही है का मुहाने पर खड़ी है। अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, तटीय इलाके या गहरे भू-स्तर वाले इलाके डूब सकते हैं। समुद्री जलस्तर में इजाफा होने से 2050 तक दुनिया भर के 10 देशों की आबादी पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। तेज शहरीकरण एवं आर्थिक वृद्धि के चलते तटीय बाढ से मुंबई और कोलकाता के लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है।

नासा के शटल राडार टोपोग्राफी मिशन के जरिए हुए अध्ययन के आंकड़ों के अनुसार साल 2050 तक समुद्र का जल स्तर इतना बढ़ जाएगा कि भारत के मुंबई, नवी मुंबई और कोलकाता जैसे महानगर भी सदा के लिए जलमग्न हो सकते हैं। इससे करीब तीन करोड़ लोगों को विस्थापन की समस्या से जूझना पड़ सकता है।

इन शहरों पर है डूबने का खतरा–

सूरत- 50 लाख की आबादी वाले सूरत के किनारे समुद्र का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ता हुआ दर्ज किया जा रहा है। 

कोलकाता : बंगाल की खाड़ी और हुगली नदी की शाखाओं के जलस्तर बढ़ने से 1.50 करोड़ की आबादी वाले कोलकाता सबसे ज़्यादा खतरा है। 

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मुंबई : 1.80 करोड़ की आबादी वाली देश की आर्थिक राजधानी की साल 2050 तक हालत बदतर होने की आशंका है। तटीय बाढ़ की वजह से मुंबई के कई इलाके डूब जायेंगे। 

ओडिशा : ओडिशा के पारादीप और घंटेश्वर जैसे तटीय इलाकों में रहने वाले करीब 5 लाख खतरे में।

केरल : 2050 तक केरल के अलापुझा और कोट्टायम जैसे जिलों को तटीय बाढ़ जैसी आपदाओं का सामना करना पड़ेगा। 

तमिलनाडु : इस राज्य के तटीय इलाकों जैसे चेन्नई, थिरवल्लूर व कांचीपुरम पर डूबने का खतरा है।