चमकी बुखार का कहर, मरने वाले बच्चों की संख्या हुई 84

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) के कारण मरने वाले बच्चों की संख्या अब 83 हो गई है। बच्चों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

Written by Newsroom Staff June 16, 2019 10:59 am

नई दिल्ली। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) के कारण मरने वाले बच्चों की संख्या अब 84 हो गई है। बच्चों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मुजफ्फरपुर पहुंच गए हैं।

चमकी बुखार से मरने बच्चों को परिवार वालों को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 4-4 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग, जिला प्राशसन और डॉक्टरों इस बीमारी से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए।


डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का प्रकोप उत्तरी बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली जिले में सबसे ज्यादा है। अस्पताल पहुंचने वाले पीड़ित बच्चे इन्हीं जिलों से हैं।

बता दें कि 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। मरने वाले बच्चों की उम्र एक से सात साल के बीच ज्यादा है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी का मुख्य लक्षण तेज बुखार, उल्टी-दस्त, बेहोशी और शरीर के अंगों में रह-रहकर कंपन (चमकी) होना है।