भारत में सोने की तस्करी का केंद्र बनता जा रहा है म्यांमार

भारत के पूर्वोत्तर में हथियारों की सप्लाई करने वाले ग्रुप्स की कमाई टूटने के बाद अब म्यांमार सीमा पार के तस्करों ने समय के साथ अपने धंधे को बदल दिया है।

Written by: July 1, 2019 3:30 pm

नई दिल्ली। भारत के पूर्वोत्तर में हथियारों की सप्लाई करने वाले ग्रुप्स की कमाई टूटने के बाद अब म्यांमार सीमा पार के तस्करों ने समय के साथ अपने धंधे को बदल दिया है। एक दौर में अवैध हथियार बेचने वालों ने अब सोने की भारत में तस्करी शुरू कर दी है। इम्फाल कस्टम डिविजन के सुपरिंटेंडेट टी. बिजांदो सिंह ने कहा, ‘गोल्ड सबसे बड़ी ऐसी चीज है, जिसका भारत और म्यांमार के बीच कारोबार वर्जित है और उसकी तस्करी हो रही है।’

म्यांमार से भारत में सोना बिस्किट के तौर पर आता है और इनका वजन 166 ग्राम के करीब होता है। यह तस्करी म्यांमार के राज्यों कचिन और कायिन से होती है। इसके अलावा मांडले, सागैंग, बागो और तनिनथारयी से भारत में बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। यही नहीं एजेंसियों से बचने के लिए सोने की पैकेजिंग में तेजी से बदलाव किए जाते हैं।

म्यांमार से तस्करी के जरिए आने वाले सोने का पहला स्टॉप मणिपुर की राजधानी इम्फाल में होता है। इसके बाद सड़क मार्ग से दीमापुर होते हुए नगालैंड पहुंचता है और सिलचर होते हुए असम में इसकी सप्लाई की जाती है। इसके बाद रेल या हवाई मार्ग से इन्हें कोलकाता या दिल्ली तक पहुंचाया जाता है।

gold_bond_scheme

भारत के रेवेन्यू इंटेलिजेंस डायरेक्टोरेट की ओर से ज्यादातर कोलकाता, मुंबई, चेन्नै और दिल्ली में तस्करी के सोने की बरामदगी की जाती रही है। इन चारों शहरों को सोने की अवैध तस्करी का केंद्र माना जाता रहा है।