मोदी कैबिनेट से अरविंद सावंत का इस्तीफा, कहा शिवसेना-भाजपा का खत्म हुआ गठबंधन

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर सियासी घमासान जारी है। इस बीच एनसीपी ने शिवसेना का समर्थन करने की बात कही है, हालांकि ऐसा करने से पहले वह कांग्रेस पार्टी के फैसले का इंतजार कर रही है। एनसीपी का कहना है कि कांग्रेस जो भी फैसला करेगी उसके मुताबिक ही वह अपना रुख तय करेगी।

Avatar Written by: November 11, 2019 1:25 pm

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर सियासी घमासान जारी है। इस बीच शिवसेना कोटे से मोदी कैबिनेट मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद दिल्ली में सावंत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष और शिवसेना प्रमुख के बीच 50-50 फॉर्मूला तय हुआ था, जिसमें सीएम पद भी शामिल था। लेकिन भाजपा ने इस बात को नकारा जिससे ठाकरे परिवार को ठेस पहुंची। इससे हालात खराब हुए और हमारा गठबंधन नहीं रहा।

Shiv Sena MP Arvind Sawant

सावंत ने कहा कि ऐसे माहौल में मैं कैबिनेट में रहूं, यह उचित नहीं है। इसलिए मैंने अपना त्यागपत्र पीएम को सौंप दिया है। एनडीए से शिवसेना के बाहर होने पर सावंत ने कहा कि मेरे त्यागपत्र का मतलब समझ सकते हैं।

इससे पहले एनसीपी ने शिवसेना का समर्थन करने की बात कही है, हालांकि ऐसा करने से पहले वह कांग्रेस पार्टी के फैसले का इंतजार कर रही है। एनसीपी का कहना है कि कांग्रेस जो भी फैसला करेगी उसके मुताबिक ही वह अपना रुख तय करेगी।

मुंबई में एनसीपी कोर कमेटी की बैठक खत्म होने के बाद नवाब मलिक ने कहा कि वो कांग्रेस के फैसले का इंतजार करेंगे, उसके बाद ही अपना निर्णय लेंगे। कांग्रेस के साथ आए बिना कोई विकल्प नहीं बन सकता है। इसलिए कांग्रेस का फैसला होते ही हम अपना फैसला लेंगे। नवाब मलिक ने कहा कि हमारी पार्टी वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

वहीं कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के चुनाव प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे ने वर्किंग कमेटी की बैठक के बताया कि मीटिंग में महाराष्ट्र पर विस्तार से चर्चा हुई है। आगे की चर्चा के लिए महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है और चार बजे एक बार फिर बैठक होगी और फैसला लिया जाएगा। साथ ही  मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र सोनिया गांधी को सौंप दिए हैं।

बता दें कि इससे पहले रविवार को भाजपा ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करके सरकार बनाने से मना कर दिया था। जिसके बाद राज्यपाल ने दूसरा बड़ा दल होने के नाते शिवसेना को सरकार बनाने का न्योता दिया था।