बिगड़ सकते हैं महाराष्ट्र में सियासी समीकरण, विपक्षी नेताओं से बैठक करने दिल्ली जाएंगे शरद पवार

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर अभी तक पेंच उलझा हुआ है। एक ओर जहां भाजपा और शिवसेना में तकरार के कारण सीएम प्रत्याशी अभी तक फाइनल नहीं हुआ, वहीं दूसरी ओर 54 सीटें जीतने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पार्टी के समर्थन के लिए शिवसेना लगातार निगाह रखे हुए हैं।

Avatar Written by: November 1, 2019 5:07 pm

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर अभी तक पेंच उलझा हुआ है। एक ओर जहां भाजपा और शिवसेना में तकरार के कारण सीएम प्रत्याशी अभी तक फाइनल नहीं हुआ, वहीं दूसरी ओर 54 सीटें जीतने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी  पार्टी के समर्थन के लिए शिवसेना लगातार निगाह रखे हुए हैं। हालांकि परिणामों के बाद ही शरद पवार कह चुके हैं कि उनकी पार्टी शिवसेना को समर्थन नहीं दे सकती है।

sharad pawar

वहीं अब खबर आ रही है कि NCP के अध्यक्ष शरद पवार 3 नवंबर और 4 नवंबर को दिल्ली आएंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि शरद पवार दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे। ऐसा भी बताया जा रहा है कि शरद पवार दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ भी बैठक कर सकते हैं।

Sushil Kumar Shinde

आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा को 105 सीटें मिली हैं और शिवसेना को 56 सीटों पर फतह मिली है। वहीं एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की है। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि उनकी पार्टी कभी भी शिवसेना का समर्थन नहीं करेगी।

sushil kumar shinde

वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि उनकी पार्टी शिवसेना को कभी समर्थन नहीं करेगी। पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा, ‘महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव नतीजे आए उसमें किसी भी दल को बहुमत नही मिला है। न्यूजपेपर में चर्चाए होती रहती है कि कांग्रेस किसे समर्थन दे रही है? हमारी पार्टी धर्मनिरपेक्ष है , शिवसेना को समर्थन देने का सवाल ही नहीं है। कांग्रेस सेक्युलर पार्टी है , धर्म और जाति की राजनीति करनेवाले दल को हम समर्थन नहीं दे सकते। कांग्रेस के नेता दिल्ली में गए हैं तो मुझे जानकारी नहीं है। हमने जनादेश स्वीकार किया है , हम विपक्ष में बैठेंगे और जनता की सेवा करेंगे।