नए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के काम करने का तरीका है कुछ ऐसा कि हर तरफ हो रही है उनकी तारीफ

जिस तरह से लोकसभा के नए स्पीकर ओम बिरला ने अपने पहले सात दिन लोकसभा में गुजारे हैं, इससे समझ आता है कि वे सबकुछ पहले जैसा ही नहीं चलने देने चाहते।

Written by: June 30, 2019 11:59 am

नई दिल्ली। लोकसभा के नए स्पीकर बनाए गए ओम बिरला अपने काम करने के तरीके की वजह से काफी ज्यादा छाए हुए हैं। उन्होंने अपना एक हफ्ते का कार्यकाल पूरा कर लिया है। ओम बिरला के काम करने का तरीका कुछ ऐसा है कि, वो नए सांसदों को मुद्दे उठाने के लिए इतना समय देते हैं कि, लंच के लिए भी लेट कर देते हैं। वो लंबे कार्यवाही के दौरान लंबे वक्त तक बैठे रहते हैं।

Om Birla

जिस तरह से लोकसभा के नए स्पीकर ओम बिरला ने अपने पहले सात दिन लोकसभा में गुजारे हैं, इससे समझ आता है कि वे सबकुछ पहले जैसा ही नहीं चलने देने चाहते। बिरला सात दिनों में ही लोकसभा की कार्यशैली में बड़े बदलाव कर चुके हैं। इसी लोकसभा की कार्यवाही को बार-बार होने वाले हस्तक्षेप और स्थगन के चलते प्रभावित होना पड़ता था लेकिन नए स्पीकर इससे प्रभावी ढंग से निपटते नज़र आते हैं।

PM Modi and Om Birla

अपने पूर्ववर्तियों से अलग, बिरला ने लंबे वक्त के लिए लोकसभा में बैठना शुरू कर दिया है और वे खाने में भी देर कर देते हैं ताकि पहली बार सांसद बने लोगों को ज्यादा से ज्यादा नए मुद्दे उठाने का मौका मिल सके। इसके अलावा उन्होंने अभी तक लोकसभा में होने वाले हंगामे से निपटने में भी चतुराई से काम लिया है और कभी भी दबाव में आते नहीं दिखे हैं।

om birla

उन्होंने स्पीकर बनने के बाद अपना एक पर्सनल रिकॉर्ड भी बना लिया है। वे लोकसभा के अंदर अपनी सारी ही बातों के लिए शुद्ध हिंदी का प्रयोग करते हैं। हालांकि उन्हें सांसदों को अपनी भाषा में बोलने देने से कोई हिचक नहीं होती है। एक्सपर्ट कहते हैं कि लंबे वक्त से यह परंपरा रही थी कि लोकसभा के स्पीकर अंग्रेजी में ज्यादा बोलते थे। यहां तक कि बिरला ने ‘आय’ (AYE) और ‘नो’ (NO) शब्द भी नहीं बोले हैं। वे लोकसभा में वोट लेने के लिए भी सांसदों से पूछते हैं, ‘हां के पक्ष में’ और ‘ना के पक्ष में’।