बीजेपी शासित इन राज्यों ने मोदी सरकार के नए मोटर वाहन कानून से किया किनारा

कई बीजेपी शासित राज्य ऐसे हैं, जहां नए कानून का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। उदाहरण के तौर पर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अभी नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं हुआ है।

Written by: September 12, 2019 10:50 am

नई दिल्ली। मोदी सरकार के द्वारा लाए गए नए मोटर वाहन कानून से जो चालान के रेट बढ़े हैं, वो देशभर में तो लागू हो गए हैं लेकिन देश के कुछ राज्य ऐसे हैं जो बीजेपी शासित होते हुए भी इस संशोधित कानून को लागू करने से परहेज कर रहे हैं। बता दें कि इन राज्यों में महाराष्ट्र, हरियाणा और गुजरात जैसे बड़े राज्य शामिल हैं।

दरअसल ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए नए मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माने की राशि को बढ़ाया गया है। यह नियम 1 सितंबर से लागू हुआ है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के इस नए कानून के तहत जुर्माना राशि 1000 से बढ़कर 5 हजार या 10 हजार रुपये तक बढ़ा दी गई। नया कानून लागू हुआ तो 25 हजार, 50 हजार तक के चालान की खबरें आने लगीं और तीखी बहस शुरू हो गई।

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आम जनता में इस कानून को लेकर अफरा-तफरी का माहौल हैं, जिसे देखते हुए राज्य सरकारों को झुकना पड़ा है। गुजरात भी उनमें से एक है। बता दें कि गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जुर्माना राशि में कटौती का ऐलान किया और कई जुर्मानों में राशि को 90 फीसदी तक घटा दिया।

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गुजरात के ही रास्ते पर महाराष्ट्र, हरियाणा चल दिए। महाराष्ट्र सरकार ने तो बकायदा नितिन गडकरी को चिट्ठी लिखकर जुर्माना राशि पर चिंता जताई। देवेंद्र फडणवीस की सरकार को चिंता है कि कहीं बढ़ी हुई राशि वोटों की संख्या ना घटा जाए। इसके बाद झारखंड भी इसी कतार में आने वाला है।

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गौरतलब है कि इसी साल महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में विधानसभा चुनाव होने वाले है। इसलिए यहा की राज्य सरकारें जनता को नाराज नहीं करना चाहतीं। वहीं हरियाणा ने अभी 45 दिनों का जागरूक अभियान चलाने की बात कही है।

इन राज्यों के अलावा भी कई बीजेपी शासित राज्य ऐसे हैं, जहां नए कानून का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। उदाहरण के तौर पर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अभी नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं हुआ है। सिर्फ बीजेपी राज्य ही नहीं बल्कि कई विपक्षी पार्टियों के राज्यों ने भी इस कानून को लागू नहीं किया है।