दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे संदीप का आरोप, कहा- ‘पीसी चाको हैं मां की मौत के जिम्मेदार’

संदीप ने पीसी चाको को कानूूनी नोटिस भेजकर कहा है कि, “चाको के मानसिक उत्पीड़न से उनकी मां का निधन हुआ है।” शीला दीक्षित के निधन के करीब ढाई महीने बाद उनकी मौत के कारण ने कांग्रेस की अंदरुनी गुटबाजी को आरपार की लड़ाई बना डाला है।

Written by: October 11, 2019 9:36 am

नई दिल्ली। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित की मौत के बाद उनके बेटे और कांग्रेसी नेता संदीप दीक्षित ने दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। संदीप दीक्षित ने अपनी मां की मौत का जिम्मेदार पीसी चाको को बताया है।

संदीप ने पीसी चाको को कानूूनी नोटिस भेजकर कहा है कि, “चाको के मानसिक उत्पीड़न से उनकी मां का निधन हुआ है।” शीला दीक्षित के निधन के करीब ढाई महीने बाद उनकी मौत के कारण ने कांग्रेस की अंदरुनी गुटबाजी को आरपार की लड़ाई बना डाला है। संदीप दीक्षित ने भेजे गए नोटिस में मांग की है कि शीला को दिए गए मानसिक उत्पीड़न के लिए चाको माफी मांगे या फिर कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

गौरतलब है कि शीला दीक्षित की मौत के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे उनके कथित पत्र का जिक्र भी राजनीतिक गलियारों में होता आया है। हालांकि, शीला का लिखा गया वह कथित आखिरी पत्र अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। अपने पत्र में शीला दीक्षित ने सोनिया गांधी से पार्टी के अंदर चल रही अंदरुनी गुटबाजी पर दुख जताते हुए परेशानी का सबब करार दिया था।

शीला ने आरोप लगाया था कि प्रभारी पीसी चाको किसी वरिष्ठ नेता के इशारे पर कांग्रेस को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। शीला के आखिरी दिनों में उनके मानसिक तौर पर परेशान रहने की बात बेटे संदीप दीक्षित सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं। संदीप दीक्षित ने शीला की मौत के बाद यह बयान भी दिया था कि पार्टी में कुछ लोग ओछी हरकतें कर रहे हैं, जिसका नुकसान भी हुआ। शीला दीक्षित ने मौत से पहले सभी ब्लॉक कमेटियों को भंग करने, तीनों कार्यकारी अध्यक्षों के कार्यभार में फेरबदल और सभी 280 ब्लॉक में आब्जर्वर नियुक्त करने का अहम फैसला लिया था। शीला दीक्षित के इन अहम फैसलों को प्रभारी पीसी चाको ने अमल में लाने से इन्कार कर दिया था।

बता दें कि 15 वर्षों तक लगातार दिल्ली पर बतौर मुख्यमंत्री राज करने वाली दिग्गज कांग्रेसी नेता शीला  दक्षित का इसी साल 20 जुलाई को निधन हो गया था। वह केंद्रीय मंत्री रहने के साथ केरल की राज्यपाल भी रही थीं।