नीरव मोदी की जमानत पर लंदन में सुनवाई, भारत ने जताया फरार होने का अंदेशा

पीएनबी धोखाधड़ी मामले में भगोड़ा घोषित हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने ब्रिटेन के हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। मोदी के वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने दलील दी कि नीरव मोदी हीरा व्यापारी हैं। इस मामले में भारत सरकार का पक्ष क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) रख रही है। सीपीएस ने कहा गया है कि नीरव मोदी फरार हो सकता है। बता दें कि मामले में बुधवार को फिर से सुनवाई होगी।

Written by Newsroom Staff June 11, 2019 9:42 pm

नई दिल्ली। पीएनबी धोखाधड़ी मामले में भगोड़ा घोषित हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने ब्रिटेन के हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। मोदी के वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने दलील दी कि नीरव मोदी हीरा व्यापारी हैं। इस मामले में भारत सरकार का पक्ष क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) रख रही है। सीपीएस ने कहा गया है कि नीरव मोदी फरार हो सकता है। बता दें कि मामले में बुधवार को फिर से सुनवाई होगी।

मामले की सुनवाई कर रहे जज ने कहा कि हो सकता है कि उनकी इच्छा ऐसी न हो, लेकिन ऐसा संभव है। नीरव के वकील ने कहा कि स्विट्जरलैंड और अन्य स्थानों पर उनकी संपत्ति फ्रीज की गई हैं। फायरस्टार की घटना के बाद ज्यादातर मामलों में ऑफिस होल्डर्स ग्रुप की संपत्ति रखते हैं।

क्लेयर ने कहा कि 6 जनवरी 2018 तक ऋण देने में कोई समस्या नहीं थी। गोकुल नाथ शेट्टी की रिटायरमेंट के बाद बैंक ने सुरक्षा गारंटी मांगी, इसके बाद ही समस्या शुरू हुई। उन्होंने कहा कि पीएनबी की कंप्लेन के कारण कंसोर्शियम का पतन हो गया और समूह प्रशासनिक व्यवस्था में चला गया, तब दिसंबर 2017 से नीरव मोदी लंदन में हैं। नीरव मोदी के वकील ने गोकुलनाथ शेट्टी के ब्रैडी हाउस शाखा से रिटायर होने के बाद सभी लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग के असुरक्षित होने की आशंका जताई।

Nirav Modi

चूंकि नीरव मोदी पर पीएनबी के साथ दो अरब डॉलर तक की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज हैं। 31 जनवरी 2018 को इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद सीबीआई ने नीरव की तलाश शुरू की थी, लेकिन काफी दिनों बाद पता चला कि वह लंदन में है। नीरव ने मुकदमा दर्ज होने से पहले ही दिसंबर 2017 में देश छोड़ दिया था।

बता दें कि लंदन की विभिन्न अदालतों में तीन बार नीरव की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। नीरव के वकीलों ने जमानत राशि 20 लाख पाउंड तक बढ़ाने के साथ ही नजरबंदी तक की पेशकश की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।