निर्भया के दोषी की SC में याचिका, ‘दिल्ली में प्रदूषित हवा-पानी से मर रहे लोग, फांसी की क्या जरूरत’

निर्भया केस में दोषी ठहराए गए चारों अभियुक्तों में से एक ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका देते हुए कहा है कि, लोग दिल्ली में प्रदूषित हवा-पानी से वैसे ही मर रहे हैं, फांसी देने की क्या जरूरत है।

Written by: December 10, 2019 8:03 pm

नई दिल्ली। निर्भया केस में दोषी ठहराए गए चारों अभियुक्तों में से एक ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका देते हुए कहा है कि, लोग दिल्ली में प्रदूषित हवा-पानी से वैसे ही मर रहे हैं, फांसी देने की क्या जरूरत है। अक्षय ने याचिका में लिखा है, ‘दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है और यह गैस चैंबर में तब्दील हो चुकी है। ऐसे में उसे मृत्यु दंड अलग से देने की क्या जरूरत है?’

Akshay Pil

इसके अलावा अक्षय ने अपनी याचिका में वेद-पुराणों का जिक्र करते हुए कहा है कि वेद पुराण और उपनिषद में लोगों के हजारों साल तक जीने का उल्लेख मिलता है। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक सतयुग में लोग हजारों साल तक जीते थे। त्रेतायुग में एक आदमी हजार साल तक जीता था। लेकिन अब कलयुग में आदमी की उम्र 50 से 60 साल तक सीमित रह गई है। तो फिर ऐसे में फांसी की सजा देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि तब तक तो वह खुद मर जाता है।

Akshay Pil Nirbhaya

बता दें कि दिसंबर 2012 में दिल्ली में 23 साल की निर्भया के साथ चलती बस में गैंगरेप किया गया था. बाद में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी.