त्रिपुरा में कांग्रेस ने बुलाया था बंद, लेकिन जो हुआ वो आप खुद देखिए

सरकारी कार्यालयों, बैंकों में उपस्थिति सामान्य के करीब रही, जबकि कुछ जगहों पर शैक्षिक संस्थान खुले हैं और कुछ जगहों पर बंद रही। दुकानें, बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान आंशिक रूप से खुले रहे।

Avatar Written by: December 12, 2019 7:10 pm

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) के खिलाफ बुधवार को युवा कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के खिलाफ 24 घंटे के बुलाए गए बंद का गुरुवार को कुछ खास असर नहीं दिखा। हालांकि पुलिस ने पश्चिम त्रिपुरा व सिपाहीजाला जिले से सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

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‘त्रिपुरा में गुरुवार को कहीं भी कोई घटना नहीं हुई’

हिंसा को लेकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह ने कहा कि ‘त्रिपुरा में गुरुवार को कहीं भी कोई घटना नहीं हुई। स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण व सामान्य बनी हुई है।’ सरकारी कार्यालयों, बैंकों में उपस्थिति सामान्य के करीब रही, जबकि कुछ जगहों पर शैक्षिक संस्थान खुले हैं और कुछ जगहों पर बंद रही। दुकानें, बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान आंशिक रूप से खुले रहे।

Assam CM Sarbananda Sonowal

इसके अलावा नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) ने बहुत सी ट्रेनों को रद्द कर दिया है या उनके समय में परिवर्तन किया है। इन ट्रेनों में हमसफर एक्सप्रेस व कंचनजंघा एक्सप्रेस के समय में सोमवार से बदलाव किया गया। एनएफआर, पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के अलावा बिहार व पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में ट्रेन का संचालन करता है।

Indian Army in Agartala

भाजपा का सर्कुलर

प्रदर्शनों को देखते हुए एहतियात के तौर पर एनएफआर ने त्रिपुरा में गुरुवार को किसी ट्रेन का संचालन नहीं किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर अपने अधिकारियों व कर्मचारियों को कार्यालयों में मौजूद रहने और सामान्य स्थिति बनाए रखने को कहा है।

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की अपील

त्रिपुरा के अलावा असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने नागरिकता बिल पर हो रहे प्रदर्शन के बीच कहा कि ‘मैं लोगों से यह अपील करता हूं कि वे शांति बरते और दिगभ्रमित न हों।’ बता दें कि नागरिकता बिल पर विरोध प्रदर्शन को देखते हुए असमें में सेना की पांच टुकड़ियों को तैनात किया गया है। तीन असम राइफल्स की टुकड़ियों की मांग कर उसे त्रिपुरा में लगाया गया है।