अब सिर्फ पीएम मोदी के पास ही होगा एसपीजी सुरक्षा घेरा

केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लेते हुए गांधी परिवार यानी सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली है। हालांकि, Z+ सुरक्षा बनी रहेगी।

Written by: November 8, 2019 4:48 pm

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लेते हुए गांधी परिवार यानी सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली है। हालांकि, Z+ सुरक्षा बनी रहेगी। आपको बता दें, कि इससे पहले केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सुरक्षा में तैनात स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) को हटा दिया था। हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री की भी जेड प्लस सुरक्षा जारी है।

अब सिर्फ मोदी के पास एसपीजी सुरक्षा

pm modi

आपको बताते चलें कि मनमोहन सिंह की सुरक्षा से एसपीजी को हटाने के बाद देश में सिर्फ चार लोगों के पास यह सुरक्ष थी। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शामिल थे। हालांकि, अब यह सिर्फ पीएम मोदी के पास रह जाएगी।

indira gandhi security

एसपीजी सुरक्षा इंदिरा गांधी की मौत के बाद 1985 में एसपीजी की शुरुआत की गई। 1998 में संसद में एसपीजी एक्ट पास हुआ। इसके तहत केवल प्रधानमंत्री को एसपीजी सुरक्षा मिली। उस वक्त पूर्व प्रधानमंत्रियों को एक्ट में शामिल नहीं किया गया था। लेकिन जब 1989 में वीपी सिंह सरकार में आए तो उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एसपीजी सुरक्षा को हटा दिया।

rajiv gandhi security

हालांकि राजीव गांधी की मौत के बाद 1991 में एक्ट में बदलाव किया गया। इसके तहत सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवारों को 10 साल तक एसपीजी सुरक्षा मुहैया कराई जाने लगी। अटल सरकार ने एक्ट में किया बदलाव अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सुरक्षा समीक्षा के बाद पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव, एचडी देवगौड़ा, आईके गुजराल की सुरक्षा में तैनात एसपीजी को हटा दिया गया। 2003 में वाजपेयी सरकार ने इस एक्ट में दोबारा बदलाव किए और 10 साल की सीमा को घटाकर एक साल कर दिया। अब प्रधानमंत्रियों को पद से हटने के एक साल बाद तक ही सुरक्षा का प्रावधान किया गया।