गौहत्या में रासुका लगाने पर दिग्विजय ने उठाए अपनी ही सरकार पर सवाल

मध्यप्रदेश में कथित गोवध के मामले में तीन लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने को लेकर कांग्रेस में ही मतभेद हो गए हैं। एक और जहां मुख्यमंत्री कमलनाथ की पुलिस आरोपितों पर कड़े कानून लगा रही है तो वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इस मामले पर सवाल उठाए हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि गोवध के मामले में रासुका नहीं लगनी चाहिए।

Written by: February 7, 2019 2:21 pm

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में कथित गोवध के मामले में तीन लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने को लेकर कांग्रेस में ही मतभेद हो गए हैं। एक और जहां मुख्यमंत्री कमलनाथ की पुलिस आरोपितों पर कड़े कानून लगा रही है तो वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इस मामले पर सवाल उठाए हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि गोवध के मामले में रासुका नहीं लगनी चाहिए।

बता दें कि मध्य प्रदेश में गोवध के मामले में दो सगे भाइयों और उनके एक साथी पर पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की है। आरोपित 2017 से गोवध के कई मामलों में आरोपित हैं। खंडवा जिले के मोघट थाने में तीनों पर गोवध के तीन से अधिक मामले दर्ज हैं। तीनों को खंडवा जिला जेल भेज दिया गया है। जल्द ही उन्हें रीवा जेल भेजने की तैयारी चल रही है।

मप्र में कमलनाथ की सरकार बनने के बाद गोवध के मामले में रासुका लगाने का यह संभवत: पहला मामला है। इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से मवेशियों के मांस का व्यवसाय करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। खंडवा में स्लाटर हाउस (बूचड़ खाने) में पुलिस की इस कार्रवाई का असर साफ तौर पर नजर आ रहा है।

31 जनवरी को पुलिस ने स्थानीय स्लाटर हाउस में गैरकानूनी रूप से गोवध की सूचना मिलने पर दबिश दी थी, लेकिन पुलिस को उस दिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। इसके बाद पुलिस अधिकारी स्लाटर हाउस पर नजर रखे हुए थे। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि स्लाटर हाउस के कुछ व्यवसायी शहर से बाहर गांव में सुनसान इलाकों में गोवध कर मांस खंडवा लाकर बेचते हैं। एक फरवरी को पुलिस को ग्राम खरकली में स्कूल के पास नाले में गोवध के बारे में सूचना मिली। पुलिसकर्मियों ने गांव पहुंचकर दबिश दी तो गोवंश वध करते हुए तीन आरोपित दिखाई दिए। हालांकि, तीनों वहां से भाग गए थे।

किस पर कितने केस दर्ज

आरोपित नदीम उर्फ राजू, शकील पर मोघट थाने में गोवध प्रतिषेध अधिनियम में केस दर्ज है। वर्ष 2017 में केस दर्ज होने के बाद भी आरोपित अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। 2018 में मोघट पुलिस ने फिर दोनों से गोमांस जब्त कर केस दर्ज किया था। तीसरा प्रकरण एक फरवरी 2019 को दर्ज किया गया। आरोपित नदीम पर गोवध अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तीन से अधिक केस दर्ज हैं।