वीर सावरकर को भारत रत्न देने पर मोदी सरकार ने कहा- औपचारिक सिफारिश की जरूरत नहीं

अब लोकसभा में भी मोदी सरकार ने इस बात को उठाया है और गृह मंत्रालय ने कहा है कि, भारत रत्न देने के लिए सिफारिशें आती रहती है, लेकिन इसमें औपचारिक सिफारिश की कोई जरूरत नहीं है।

Written by: November 19, 2019 3:49 pm

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने घोषणापत्र में शामिल किया था कि वो वीर सावरकर को भारत रत्न देने की सिफारिश करेगी। अब लोकसभा में भी मोदी सरकार ने इस बात को उठाया है और गृह मंत्रालय ने कहा है कि, भारत रत्न देने के लिए सिफारिशें आती रहती है, लेकिन इसमें औपचारिक सिफारिश की कोई जरूरत नहीं है। सरकार भारत रत्न देने के लिए समय आने पर फैसला करती है।

Veer Sawarkar bharat ratna

गौरतलब है कि भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और हर साल प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से इसके लिए संस्तुति करते हैं। महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने घोषणा की थी कि सत्ता में आने के बाद वह वीर सावरकर के नाम की सिफारिश भारत रत्न के लिए करेगी। हालांकि शिवसेना के अलग होने की वजह से महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार नहीं बन पाई।

Veer Sawarkar

हिंदुत्व पर अपने विचारों के लिए चर्चित रहे क्रांतिकारी वीर सावरकर हिंदू महासभा से जुड़े थे। महाराष्ट्र में वीर सावरकार का नाम आदर से लिया जाता है। खासतौर पर हिंदुत्व की विचारधारा से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक दल सावरकर को अपना आदर्श मानते रहे हैं।

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सावरकर के पोते रंजीत ने शुक्रवार को दावा किया था कि इंदिरा सावरकर की समर्थक थीं। उन्होंने कहा, ‘इंदिरा पाकिस्तान को घुटनों पर लेकर आईं, सेना और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत किया, परमाणु परीक्षण तक कराया। यह सभी बातें नेहरू और गांधी की विचारधारा के उलट थीं।’