एग्जिट पोल ने उड़ाई विपक्षी दलों की नींद, ईवीएम-वीवीपैट को लेकर उठाने जा रही ये कदम

इसी के तहत लोकसभा चुनाव नतीजों से पहले विपक्षी दलों ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मिलने की तैयारी की है। इस मुलाकात में ईवीएम के साथ वीवीपैट की पर्ची के मिलान का मुद्दा उठाया जाएगा। विपक्ष की मांग है कि यदि किसी भी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी पाई जाती है तो समूचे विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम के साथ वीवीपैट का मिलान होना चाहिए।

Written by Newsroom Staff May 21, 2019 10:23 am

नई दिल्ली। एग्जिट पोल्स द्वारा सत्ता में एक बार फिर मोदी सरकार के आने पर अब विपक्ष की नींद पूरी तरह से उड़ गई है। लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल नतीजों के बाद विपक्षी दलों ने संकेत दे दिया है कि हार का ठीकरा ईवीएम पर फूट सकता है। एग्जिट पोल के नतीजों के बाद विपक्ष ने ईवीएम को लेकर जिस तरह के सवाल उठाए हैं वो 23 मई के बाद घमासान और तेज हो सकता है। एग्जिट पोल नतीजों के बाद कई विपक्षी नेताओं पर अभी से ईवीएम पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

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इसी के तहत लोकसभा चुनाव नतीजों से पहले विपक्षी दलों ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मिलने की तैयारी की है। इस मुलाकात में ईवीएम के साथ वीवीपैट की पर्ची के मिलान का मुद्दा उठाया जाएगा। विपक्ष की मांग है कि यदि किसी भी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी पाई जाती है तो समूचे विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम के साथ वीवीपैट का मिलान होना चाहिए।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 21 विपक्षी दलों के नेताओं के साथ चुनाव आयोग जाएंगे। इस दौरान वो मांग रखेंगे कि ईवीएम को वीवीपैट की पर्चियों से बड़े पैमाने पर मिलाया जाए। इस मुलाकात में कांग्रेस के अहमद पटेल व गुलाम नबी आजाद, तृणमूल कांग्रेस से डेरेक ओ ब्रायन, एनसीपी के शरद पवार, सीपीएम के सीताराम येचुरी, सीपीआई के डी राजा और बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्रा सहित कई नेता शामिल हो सकते हैं।

opposition in oath of kumaraswamy

विपक्षी दलों को लगता है कि 23 मई को नतीजों के बाद अगर करीबी स्थिति बनती है तो यूपीए समेत तीसरे मोर्चे की संभावना पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए चंद्रबाबू नायडू तीन दिन से मोर्चा संभाले हैं।