अयोध्या फैसले पर ओवैसी की प्रतिक्रिया, कहा- हमें भीख की जरुरत नहीं

औवेसी ने कहा कि कांग्रेस ने अपना असली रंग दिखाया है। यदि 1949 में कांग्रेस ने दरवाजे नहीं खोले होते तो वहां मूर्तियां नहीं रखी जातीं और राजीव गांधी ने ताला नहीं खुलवाया होता तो मस्जिद आज वहीं होती।

Written by: November 9, 2019 2:50 pm

नई दिल्ली। अयोध्या मामले पर शनिवार को फैसला सुना रहे सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की पीठ के अध्यक्ष प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि मामले का फैसला पीठ के सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से लिया जाएगा। सीजेआई ने कहा कि फैसला पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।

supreme court

अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर असदुद्दीन औवेसी की प्रतिक्रिया आ गई है। औवेसी ने कहा है कि हम अपने लीगल हक के लिए लड़ रहे थे, हम 5 एकड़ जमीन के लिए नहीं। हमको किसी के भीख की जरूरत नहीं है। अगर मैं सिर्फ हैदराबाद में घूम जाऊं तो कई एकड़ मिल जाएंगे।

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औवेसी ने कहा कि कांग्रेस ने अपना असली रंग दिखाया है। यदि 1949 में कांग्रेस ने दरवाजे नहीं खोले होते तो वहां मूर्तियां नहीं रखी जातीं और राजीव गांधी ने ताला नहीं खुलवाया होता तो मस्जिद आज वहीं होती। यदि नरसिंहा राव ने मस्जिद टूटते वक्त अपने संविधानिक दायित्वों का पालन किया होता तो भी आज मस्जिद वहीं होती।

Asaduddin-Owaisi

उन्होंने कहा कि हमें 5 एकड़ जमीन वाले फैसले को रिजेक्ट करना चाहिए। मस्जिद के लिए जमीन खरीद सकते हैं। आवैसी ने कहा- पर्सनल लॉ बोर्ड के वकीलों ने कहा हम इस फैसले से खुश नहीं हैं। कांग्रेस और संघ की साजिश थी कि मस्जिद गिराई गई। पर्सनल लॉ की मीटिंग होगी जो भी फैसला लिया जाएगा सभी को मंजूर होगा।

सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है मगर अचूक नहीं : ओवैसी

ओवैसी ने शनिवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है, लेकिन अचूक नहीं है। उन्होंने अयोध्या भूमि विवाद मामले में फैसले को तथ्यों के ऊपर आस्था की एक जीत बताया। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने आशंका व्यक्त की कि संघ परिवार अब मथुरा और काशी सहित अन्य मस्जिदों को निशाना बनाएगा।

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हैदराबाद के सांसद ने आगाह किया कि देश एक हिंदू राष्ट्र की राह पर बढ़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि का स्वामित्व हिंदुओं को दे दिया, जिसके बाद वहां राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अदालत ने फैसला सुनाया कि मुसलमानों को वैकल्पिक स्थल पर पांच एकड़ जमीन मिलेगी।

ओवैसी ने संवाददाताओं से कहा कि जिन लोगों ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया, उन्हें राम मंदिर बनाने के लिए जमीन सौंपी गई है। उन्होंने कहा, “अगर बाबरी मस्जिद को छह दिसंबर, 1992 को ध्वस्त नहीं किया जाता, तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या होता।” उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि की पेशकश पर फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि उनका निजी विचार है कि इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया जाना चाहिए।

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कांग्रेस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया के माध्यम से अपना असली रंग दिखाया है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के शासन के दौरान ही हुआ था कि मूर्तियों को मस्जिद में रखा गया, उसके ताले खोले गए और मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया।