नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए एक और मुश्किल खड़ी हो सकती है। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा है कि सीएम दफ्तर में जो भी निर्माण और सजावट का काम कराया गया, उसकी भी जांच कराई जाएगी। प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीएम के दफ्तर को उन्होंने देखा। मंत्री ने कहा कि मीडिया के लोगों ने बताया कि उनको दिल्ली के सीएम दफ्तर में कभी एंट्री नहीं मिली। प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली का सीएम दफ्तर इतना आलीशान बना हुआ है, जैसे दुबई के किसी शेख का दफ्तर हो। उन्होंने कहा कि इसकी भी जांच कराएंगे कि सीएम दफ्तर को चमकाने में कितना पैसा खर्च किया गया।
दिल्ली के सीएम दफ्तर में निर्माण और सजावट की जांच में अरविंद केजरीवाल के साथ ही अफसर भी फंस सकते हैं। प्रवेश वर्मा ने कहा कि जांच इसकी भी कराई जाएगी कि दिल्ली सरकार के अफसरों के पास इतना पैसा खर्च करने का अधिकार आखिर कहां से आया। खबर लिखे जाने तक आम आदमी पार्टी की तरफ से सीएम दफ्तर के निर्माण की जांच के प्रवेश वर्मा के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी। बता दें कि अरविंद केजरीवाल पहले ही 6 फ्लैग स्टाफ रोड के आवास में सजावट और निर्माण कराकर सवालों के घेरे में हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इसे शीशमहल बताते हुए अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को जबरदस्त तरीके से घेरा था।
अरविंद केजरीवाल पहले से ही कथित शराब घोटाला मामले में घिरे हैं। शराब घोटाला के आरोप में घिरे केजरीवाल को लंबे समय तक दिल्ली की तिहाड़ जेल में रहना पड़ा था। उनकी सरकार में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह और अन्य कुछ आरोपी भी जेल में रहे थे। शराब नीति के बारे में सीएजी की रिपोर्ट कह रही है कि इससे दिल्ली सरकार के खजाने को 2002 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सीएजी रिपोर्ट को बीजेपी सरकार ने दिल्ली विधानसभा के पटल पर रखा है। इससे पहले आम आदमी पार्टी की सरकार ने सीएजी की 14 रिपोर्ट विधानसभा में पेश नहीं की थी।