पवार और ठाकरे- बीजेपी से लड़ाई में सियासत के दो ‘बिखरे’ परिवार हुए एक!

महाराष्ट्र की सियासत में मची भारी उथलपुथल के बीच दो आपस मे बिछड़े टूटे परिवार अब एक होने की राह पर हैं। अजित पवार की वापसी के बाद अब ठाकरे सरकार के बीच भी सुलह की कोशिश की जा रही है।

Written by: November 29, 2019 9:09 pm

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की सियासत में मची भारी उथलपुथल के बीच दो आपस मे बिछड़े टूटे परिवार अब एक होने की राह पर हैं। अजित पवार की वापसी के बाद अब ठाकरे सरकार के बीच भी सुलह की कोशिश की जा रही है। 23 नवंबर को एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार के बीच टकराव के बाद दोबारा सुलह के साथ पवार परिवार फिर एक हो गया। पवार परिवार के बाद अब ठाकरे परिवार भी सुलह की राह पर है। मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में ठाकरे भाई एक साथ नज़र आए जो चर्चा का विषय बना।

sharad pawar uddhav thackrey

उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह में देश के दिग्गज नेताओं के साथ ही जिस नेता की उपस्थिति सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय रही, वो थे एमएनस प्रमुख राज ठाकरे थे। उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई राज ठाकरे वहीं नेता हैं जिन्होंने उद्धव की शिवसेना में ताजपोशी के खिलाफ पार्टी और परिवार दोनों से बगावत कर दी थी। सालों से दोनों भाइयों के बीच राजनीति की दीवार खड़ी थी। मगर नए घटनाक्रम ने काफी कुछ बदल दिया।

sharad uddhav

शपथ ग्रहण समारोह में यह दीवार ढहती नज़र आई। राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह में पहली कतार में दिग्गज नेताओं के साथ बैठे थे। हालांकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सुलह को लेकर कोई सीधी बात नहीं हुई है। लेकिन परिवार के कुछ लोगों ने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे को एक साथ लाने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

raj thackrey

दोनो भाइयों को साथ लाने के इस काम में परिवार और पार्टी के साथ-साथ फिल्म और राजनीति से जुड़े लोग भी पहल कर रहे हैं। कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने अपने एक ट्वीट में अजित पवार की तरह राज ठाकरे की भी घरवापसी की कामना की। उन्होंने दोनों भाइयों का साथ आना समय की ज़रुरत बताया।

sharad ajit

इससे पहले अजित पवार की बीजेपी खेमे से वापसी ने पवार परिवार के दो ध्रुवों को एक कर दिया। सुप्रिया सुले और अजित पवार के बीच खींची खाई काफी हद तक पट गयी बताई जा रही है।