सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने कोरोना वैक्सीन पर दी बड़ी खुशखबरी, कहा खत्म होने वाला है इतंजार

Coronavirus: देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) का प्रकोप लगातार जारी है। ऐसे में सबकी नजरें कोरोना की वैक्सीन (Corona Vaccine) पर टिकी हुई हैं। इतनी ही नहीं केंद्र सरकार कोरोना के खिलाफ जंग में लगातार ठोस कदम भी उठा रही है।

Written by: December 4, 2020 12:03 pm
Corona vaccine

नई दिल्ली। देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) का प्रकोप लगातार जारी है। ऐसे में सबकी नजरें कोरोना की वैक्सीन (Corona Vaccine) पर टिकी हुई हैं। इतनी ही नहीं केंद्र सरकार कोरोना के खिलाफ जंग में लगातार ठोस कदम भी उठा रही है। इतना ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खुद भारत में बन रही कोरोना की वैक्सीन की तैयारियों की जायजा लेने के लिए तीन राज्यों में स्थित तीन प्रयोगशालाओं के दौरा भी कर चुके है। इन सबके बीच कोरोना महासंकट को लेकर शुक्रवार को पीएम मोदी की अगुवाई में सर्वदलीय बैठक (All Party Meeting) हुई।

इस बैठक में पीएम मोदी ने कोविड वैक्सीन को लेकर बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने बैठक में इस महामारी को लेकर जो बात कही उससे देशवासियों के चेहरे पर मुस्कान आ सकती है। दरअसल इस दौरान पीएम मोदी ने बताया कि कुछ हफ्तों में ही वैक्सीन आने की उम्मीद है। इसके अलावा उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि सबसे पहले आखिर किसको कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी। पीएम मोदी ने बताया कि कोरोना की वैक्सीन पहले बुजुर्गों, कोरोना वॉरियर्स को मिल सकती है।

PM Narendra Modi

पीएम मोदी ने कहा कि अभी आठ ऐसी वैक्सीन हैं, जो ट्रायल के चरण में बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों में वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर मिलेगी, वैज्ञानिकों की ओर से मंजूरी मिलते ही इसपर काम शुरू हो जाएगा। भारत एक विशेष सॉफ्टवेयर पर काम कर रहा है जो हर किसी को वैक्सीन पहुंचाने पर ट्रैकिंग करेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि, कोरोना वैक्सीन को लेकर जो विश्वास इस चर्चा में नजर आया है वो कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेगा। इस बारे में बीते दिनों में मेरी मुख्यमंत्रियों से चर्चा हुई थी। टीकाकरण को लेकर राज्य सरकारों के अनेक सुझाव भी मिले थे। दुनिया की नजर कम कीमत वाली सुरक्षित वैक्सीन पर है, और इसलिए स्वाभाविक है कि पूरी दुनिया की नजर भारत पर भी है।

PM Narendra Modi

पीएम मोदी की अहम बातें-

इस बारे में बीते दिनों मेरी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी लंबी बात हुई थी। टीकाकरण को लेकर राज्य सरकारों के अनेक सुझाव भी मिले थे।
कुछ दिन पहले मेरी Made In India वैक्सीन बनाने का प्रयास कर रही वैज्ञानिक टीमों से काफी देर तक सार्थक बातचीत हुई है। भारत के वैज्ञानिक अपनी सफलता को लेकर बहुत आश्वस्त हैं। अभी अन्य देशों की कई वैक्सीनों के नाम आप सुन रहे होंगे। लेकिन दुनिया की नजर कम कीमत वाली सबसे सुरक्षित वैक्सीन पर है और इस वजह से सबकी दृष्टि भारत पर है।

अहमदाबाद, पुणे और हैदराबाद जाकर मैंने ये भी देखा है कि वैक्सीन मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर देश की तैयारियां कैसी हैं। हमारे भारतीय मैन्यूफैक्चर्स ICMR, डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी और ग्लोबल इंडस्ट्री के अन्य दिग्गजों के संपर्क में हैं।

आप एक तरह से मानकर चलिए कि सभी कमर कसके तैयार बैठे हैं। करीब-करीब 8 ऐसी संभावित वैक्सीन्स हैं जो ट्रायल के अलग-अलग चरण में हैं और जिनकी मैन्यूफैक्चरिंग भारत में ही होनी है।

जैसा यहां चर्चा में भी बात आई, भारत की अपनी 3 अलग-अलग वैक्सीन्स का ट्रायल अलग-अलग चरणों में है। एक्सपर्ट्स ये मानकर चल रहे हैं कि अब कोरोना की वैक्सीन के लिए बहुत ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में कोरोना की वैक्सीन तैयार हो जाएगी। जैसे ही वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलेगी, भारत में टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा। टीकाकरण के पहले चरण में किसे वैक्सीन लगेगी, इसे लेकर भी केंद्र सरकार राज्य सरकारों से मिले सुझावों के आधार पर काम कर रही है।

इसमें प्राथमिकता कोरोना के मरीजों के इलाज में जुटे Health Care Workers, Front Line Workers और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग लोगों को दी जाएगी। वैक्सीन के डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार की टीमें मिलकर काम कर रही हैं।

भारत के पास वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन Expertise और Capacity भी दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले बहुत बेहतर है। हमारे पास टीकाकरण के लिए दुनिया का बहुत बड़ा और अनुभवी नेटवर्क भी मौजूद है। इसका पूरा लाभ उठाया जाएगा। जो कुछ अतिरिक्त Cold Chain Equipment और अन्य Ligistics की जरूरत पड़ेगी, राज्य सरकारों की मदद से उसका भी आकलन हो रहा है। Cold Chain को और मजबूत करने के लिए भी साथ ही साथ काम चल रहा है।
भारत ने एक विशेष सॉफ्टवेयर भी बनाया है Co-WiN जिसमें कोरोना वैक्सीन के लाभार्थी, वैक्सीन के उपलब्ध स्टॉक और स्टोरेज से जुड़ी रीयल टाइम इनफॉरमेशन रहेगी।

भारत में कोरोना वैक्सीन की रिसर्च से जुड़े दायित्व के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया था। और वैक्सीन से जुड़े अभियान का दायित्व National Expert Group को दिया गया है। इसमें टेक्नीकल एक्सपर्ट्स हैं, केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों और विभागों के अधिकारी हैं, प्रत्येक जोन के हिसाब से राज्य सरकारों के भी प्रतिनिधि हैं।

ये National Expert Group राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है। राष्ट्रीय और स्थानीय, हर जरूरत के मुताबिक फैसले National Expert Group द्वारा सामूहिक तौर पर लिए जाएंगे।

वैक्सीन की कीमत कितनी होगी, इसे लेकर भी सवाल स्वभाविक है।केंद्र सरकार, इस बारे में राज्य सरकारों के साथ बात कर रही है। वैक्सीन की कीमत को लेकर फैसला, जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाएगा। और राज्य सरकारों की इसमें पूरी सहभागिता होगी।

एक राष्ट्र के रूप में भारत ने जो फैसले लिए, जिस प्रकार भारत ने तेज़ी से वैज्ञानिक तरीकों को अपनाया, उसका परिणाम आज दिख रहा है। भारत आज उन देशों में है जहां पर प्रतिदिन टेस्टिंग बहुत ज्यादा हो रही है। भारत आज उन देशों में है जहां पर रिकवरी रेट भी बहुत ज्यादा है।

भारत उन देशों में भी शामिल है जहां पर कोरोना की वजह से होने वाली मृत्यु दर इतनी कम है। भारत ने जिस तरह कोरोना के खिलाफ लड़ाई को लड़ा है, वो प्रत्येक देशवासी की अदम्य इच्छाशक्ति को दिखाता है।

विकसित देशों, अच्छे मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर वाले देशों की तुलना में भी भारत ने इस लड़ाई को कहीं बेहतर तरीके से लड़ा है और अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों की जान बचाई है। हम भारतीयों का संयम, हम भारतीयों का साहस, हम भारतीयों का सामर्थ्य, इस पूरी लड़ाई के दौरान अतुलनीय रहा है, अभूतपूर्व रहा है।

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