शिवसेना में जाते ही प्रियंका चतुर्वेदी ने दिया ये बड़ा बयान

प्रेस कांफ्रेंस हो या फिर टीवी पर डिबेट, कई जगहों पर कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखने वाली प्रियंका चतुर्वेदी अब कांग्रेस का साथ छोड़ चुकी हैं। उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देकर शिवसेना का दामन थाम लिया है।

Avatar Written by: April 19, 2019 2:35 pm

नई दिल्ली। प्रेस कांफ्रेंस हो या फिर टीवी पर डिबेट, कई जगहों पर कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखने वाली प्रियंका चतुर्वेदी अब कांग्रेस का साथ छोड़ चुकी हैं। उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देकर शिवसेना का दामन थाम लिया है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ प्रेस कांफ्रेंस करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि, कांग्रेस ने मेरा सम्मान नहीं किया।

शिवसेना में जाते ही प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि, “मैं मुंबई में पली बढ़ी हूं, पिछले कुछ दिनों से मुंबई से कट गई थी, लेकिन अब मैं वापस यहां जुड़ना चाहती हूं। मैंने लौटने का मन बनाया तो इस संगठन के अलावा कोई और संगठन ध्यान में नहीं आया।”

अपने साथ हुई अभद्रता को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि, “मुझे दुख इस बात का है कि आरोपियों को दोबारा वापस बुला लिया गया। मैंने कांग्रेस को 10 साल दिये। मैंने सब सोच-समझकर ही शिवसेना से जुड़ने का मन बनाया है। जहां भी पार्टी को मजबूत कर सकती हूं, वहां काम करूंगी।”

प्रेस कांफ्रेंस में सवाल किया गया कि, उन्होंने मथुरा से लोकसभा टिकट मांगा था लेकिन कांग्रेस ने नहीं दिया? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि, “मैंने टिकट नहीं मांगा था, बल्कि वहां मेरे मामा का घर है। इस वजह से जुड़ाव है।”

इस्तीफा देेने से पहले प्रियंका चतुर्वेदी ने गुरुवार को राहुल गांधी को एक पत्र लिखा था, जिसे उन्होंने शुक्रवार को सार्वजनिक किया। इसमें उन्होंने लिखा था कि, पिछले कुछ सप्ताह के दौरान उन्हें यह अहसास दिलाया गया है कि पार्टी की नजर में उनके कार्यो का कोई मुल्य नहीं था। उन्होंने कहा, “मैं राह के अंतिम पड़ाव में पहुंच गई हूं। इसके साथ ही मुझे यह महसूस हो रहा है कि अब मैं पार्टी में रहती हूं तो मुझे इसके लिए अपने स्वाभिमान और आत्मसम्मान की कीमत चुकानी पड़ेगी।”

पार्टी महिलाओं की जिस सुरक्षा, स्वाभिमान और सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं बात पार्टी के सदस्यों में न देखने पर उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे पार्टी के कुछ सदस्यों के व्यवहार में वह बात बिल्कुल भी नजर नहीं आई, जिसका पार्टी प्रचार करती है।”


उन्होंने लिखा है, “चुनाव के दौरान पार्टी में सब की भागीदारी जरूरी है, सिर्फ इसी आधार पर पार्टी के लिए आधिकारिक कार्य के दौरान मेरे साथ हुए गंभीर घटना और दुर्व्यवहार को दरकिनार कर दिया गया। इस अनादर ने मुझे आईएनसी (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) से बाहर निकलकर अन्य चीजों पर खुद का ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर किया।”

बुधवार को उन्होंने मथुरा में एक प्रेस-कांफ्रेंस में पार्टी के कुछ सदस्यों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार करने वालों को पार्टी में फिर से बहाल करने पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा, “पार्टी में रहने के दौरान जिन्होंने मुझे धमकाया, उन्हें बिना कोई कठोर कार्रवाई किए बगैर छोड़ दिया गया।”