नोटबंदी नहीं रघुराम की वजह से गिरी थी विकास दर: नीति आयोग उपाध्यक्ष

Written by: September 3, 2018 4:32 pm

नई दिल्ली। नोटबंदी की वजह से ग्रोथ धीमी पड़ने के आरोप को नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने झूठा करारा दिया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की नीतियों की वजह से एनपीए बढ़ रहा था और ग्रोथ घट रही थी। उन्होंने कहा, “मुझे चिंता है कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री और पी चिदंबरम जैसे लोगों ने ये बात कही।”

Rajiv Kumar And Raghu Ram Rajan

मोदी सरकार के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। 2013-14 के दौरान भारत की आर्थिक विकास दर 4.7 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 7.7 फीसदी हो गई है। राजीव कुमार का कहना है कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की नीतियों के कारण विकास दर में कमी आई थी।

राजीव कुमार ने आगे कहा,’ एनपीए बढ़ने की वजह से बैंकिंग सेक्टर ने इंडस्ट्री को उधार देना बंद कर दिया। मीडियम और स्मॉल स्केल इंडस्ट्री का क्रेडिट ग्रोथ निगेटिव में चला गया, लार्ज स्केल इंडस्ट्री लिए भी यह 1 से 2.5 फीसदी तक गिर गया। भारतीय इकॉनमी के इतिहास में क्रेडिट में आई यह सबसे बड़ी गिरावट थी।’

Raghuram Rajan

गौरतलब है कि आरबीआई की ओर से नोटबंदी को लेकर आंकड़े जारी किये गये हैं जिसमें कहा गया है कि 99.3 नोट वापस आ गये थे। इस पर कांग्रेस सहित सभी दल मोदी सरकार के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इस फैसले से काला धन तो वापस नहीं आया है लेकिन देश की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है।

Rajiv Kumar

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी इसको लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि नोटबंदी की वजह से देश को 2.25 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए सवाल किया, ”याद करिए कि किसने कहा था कि तीन लाख करोड़ रुपये वापस नहीं आएंगे और यह सरकार के लिए लाभ होगा ?”