अपने ही दिग्गज नेताओं पर फूटा राहुल गांधी का गुस्सा, बेटों को टिकट दिलवाने पर उठाए सवाल

इस बार कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम समेत कई नेताओं के बेटों को टिकट दिए थे। जिसकी वजह से उनके प्रचार करने का दायरा काफी सीमित रहा।

Written by: May 26, 2019 11:08 am

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हालत साफ बताती है कि पार्टी के अंदर में अपने हितों को ज्यादा तरजीह दी गई और पार्टी को लेकर बड़े नेताओं की रुचि कम दिखी। शनिवार को हार के कारणों को लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई जिसमें कारणों पर मंथन किया गया।

Rahul Gandhi

इस बैठक से खबर आई कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं द्वारा अपने बेटों को टिकट दिलवाने को लेकर काफी नाराज दिखे। इसको लेकर बैठक में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर भी की। बिना किसी नेता का नाम लिए हुए राहुल गांधी का गुस्सा इस बात पर फूटा कि पार्टी के कुछ नेता अपने बेटों को टिकट दिलवाने के लिए जी-जान से लगे रहे। इससे पार्टी का ही नुकसान हुआ, क्योंकि बेटों को टिकट मिलने से वो उन्हें जीत दिलवाने के लिए उसी सीट तक सीमित रह गए। जिससे पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

बता दें कि इस बार कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम समेत कई नेताओं के बेटों को टिकट दिए थे। जिसकी वजह से उनके प्रचार करने का दायरा काफी सीमित रहा।

राहुल गांधी ने उन राज्यों के खराब प्रदर्शन पर भी नाराजगी जताई, जहां हाल में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। इसमें राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। राहुल ने कहा कि इन राज्यों के नेता राफेल और ‘चौकीदार चोर है’ जैसे अहम मुद्दों को लोगों के बीच ले जाने में नाकाम रहे, जिसके कारण बीजेपी के खिलाफ राहुल का प्लान फ्लॉप हो गया।

बता दें कि शनिवार को राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन वर्किंग कमेटी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में कांग्रेस को राहुल के मार्गदर्शन की जरूरत है, साथ ही इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया।