राजस्थानः कोटा में 48 घंटे में 10 बच्चे की मौत लेकिन कोई हंगामा नहीं!

राजस्थान के कोटा में 48 घंटे में 10 बच्चे की मौत और साल भर में हजार से ज्यादा बच्चों की मौत पर भी सब कुछ सामान्य नजर आ रहा है।

Avatar Written by: December 28, 2019 3:27 pm

नई दिल्ली। गोरखपुर में दिमागी बुखार और बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मरनेवाले लोगों और बच्चों पर सियासत खूब देखने को मिली थी। लगातार ये दोनों खबरें मीडिया की सुर्खियां बनी रहीं। लेकिन राजस्थान के कोटा में 48 घंटे में 10 बच्चे की मौत और साल भर में हजार से ज्यादा बच्चों की मौत पर भी सब कुछ सामान्य नजर आ रहा है। ना ही इन खबरों को मीडिया में सुर्खियां मिल रही है। इसके पीछे के कारण को समझने की जरूरत है। राज्य में कांग्रेस की सरकार है और अशोक गहलोत सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। बच्चों की मौत पर उनकी तरफ से केवल चिंता व्यक्त की गई है।ashok gahlot Rahul Gandhi

राजस्थान के कोटा स्थित एक अस्पताल में 48 घंटों में 10 बच्चों की मौत का मामला सामने आया। कोटा के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु जेके लोन अस्पताल में पिछले 2 दिन में 10 बच्चों की मौत हो गई। यह सभी बच्चे एनआईसीयू में भर्ती थे। Newborn Babyमामला सामने आने पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत जांच के लिए एक टीम को मौके पर रवाना तो कर दिया लेकिन इसका नतीजा क्या निकला किसी को नहीं पता चला। वहीं कोटा के सांसद, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने मामले में चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की।ashok gahlot

जेके लोन अस्पताल कोटा संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल होने की वजह से यहां पर आसपास के जिलों के एमपी तक के बच्चे आते हैं। एक समाचार एजेंसी के अनुसार राजस्थान में दिसंबर में 77 बच्चों की मौत हो चुकी है।

JK Loan Hospital Kota Rajsthan

जबकि सोमवार और मंगलवार को 10 बच्चों की मौत हुई। हालांकि, तथ्य यह भी है कि पिछले छह सालों से इस अस्पताल में हर साल एक हजार से अधिक बच्चों की मौत हो रही है। पिछले छह सालों में इस अस्पताल में 66 सौ से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। Om Birla

कोटा लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला का लोकसभा क्षेत्र है। पत्र में बिरला ने कहा है कि नवजात बच्चों की असमय मौत हम सब के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने लिखा है कि हर वर्ष 800-900 नवजात और 250 बच्चों की यहां मौत हो जाती है क्योंकि यहां प्रशिक्षित स्टाफ और जीवन रक्षक उपकरणों की कमी है। वेंटिलेटर और नेबुलाइजर जैसे उपकरण काम नहीं कर रहे हैं और डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल स्टॉफ जैसे अहम पद रिक्त पड़े हैं। इस कारण अस्पताल में मौतें होती हैं।


छह साल में साढ़े छह हजार से ज्यादा मौतेंNewborn Baby

यह अस्पताल बच्चों की मौत के लिए हमेशा से सुर्खियों में रहा है। साल 2014 में यहां पर 1198 बच्चों ने दम तोड़ा, 2015 में 1260 की मौत हुई, 2016 में 1193 बच्चों ने आखिरी सांस ली, 2017 में 1027, 2018 में 1005 और 2019 में अब तक 940 बच्चे की मृत्यु हुई।

भाजपा ने साधा राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशानाprakash Javdekar

राजस्थान के कोटा के अस्पताल में कई बच्चों की मौत को लेकर बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हफ्तेभर में कोटा में 77 बच्चों की मौत हो चुकी है। राहुल गांधी को वहां जाकर हालात का जायजा लेना चाहिए।

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