अब दुनिया देखेगी अयोध्या का गौरव, 26 जनवरी की परेड में शामिल होगी राम मंदिर की झांकी

Republic Day Parade 2021: एक तरफ जहां कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तो दूसरी साल 2021 के गणतंत्र दिवस (Republic Day Parade 2021) के मौके पर होने वाली परेड को खास बनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरु कर दी गई है।

Avatar Written by: December 11, 2020 6:21 pm
ram mandir New model picture

नई दिल्ली। एक तरफ जहां कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तो दूसरी साल 2021 के गणतंत्र दिवस (Republic Day Parade 2021) के मौके पर होने वाली परेड को खास बनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरु कर दी गई है। इतना ही नहीं इस बार राजपथ में होने वाले गणतंत्र दिवस में कुछ अलग नजर भी देखने को मिलेगा। दरअसल इस बार अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का वैभव इस बार दिल्ली में राजपथ के जरिये पूरी दुनिया पाएगी। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की ओर से जो झांकी परेड में शामिल होगी, उसमें राम मंदिर (Ram Mandir) का मॉडल भी दर्शाया जाएगा। यूपी की ओर से इस बार अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को ही थीम बनाया गया है।

Ram Temple

 

इसके साथ ही दिल्ली में 26 जनवरी 2021 को होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में झांकी में अयोध्या में हर साल होने वाले दीपोत्सव को भी दर्शाया जाएगा। साथ ही झांकी में सामाजिक सद्भाव के दृश्य जिसमें शबरी के झूठे बेर, निषादराज को राम का गले लगाना, केवट को आशीर्वाद समेत अन्य दृश्यों को भी दिखाया जाएगा। इसके अलावा योगी सरकार अपनी झांकी में अंतरराष्ट्रीय ख्याति के मृदंगाचार्य रामशंकरदास की मूर्ति भी दिखाएगी। बता दें कि अयोध्या में इसी साल अगस्त में राम मंदिर की नींव रखी गई है। वहीं दिसंबर महीने में काम शुरू होने जा रहा है।

Uttar Pradesh republic day prade

दुनियाभर के रामभक्तों ने वर्चुअल तरीके से देखा दीपोत्सव, किया ‘त्रेता युग’ का अनुभव

13 नवंबर को रामनगरी अयोध्या 5 लाख से अधिक दीपों की रौशनी से नहाई। दुनियाभर के रामभक्त इसका गवाह बने। लोगों सरयू किनारे इस अद्भुत दृश्य को देखकर लग रहा था कि मानो अपने श्रीराम के स्वागत में सितारे भी जमी पर उतर आए हों। कुछ ऐसा ही अहसास था दीपोत्सव 2020 में राम की नगरी अयोध्या का। इस नजारे को सिर्फ अयोध्या ही नहीं पूरी दुनिया के करोड़ों रामभक्तों ने भी वर्चुअल तरीके से खुद को इस दीपोत्सव से जोड़ा और त्रेता युग के उस आनंद का अनुभव किया जो उस समय अवध के लोगों ने किया थ। लोगों ने उस क्षण का एहसास किया जब राम सीता और लक्ष्मण 12 साल के वनवास के बाद कौशलपुरी (अयोध्या) लौटे थे।

Ayodhya Dipotsav Ram Vanvas

बता दें कि सीएम योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अयोध्या में दीपोत्सव का यह चौथा साल था जब सरयू तट दीपों को जलाकर रिकॉर्ड बनाया गया हो। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अयोध्या से निजी लगाव है ऐसे में हर दीपोत्सव अपने में खास हो जाता है। इस बार तो और भी। इसकी वजह भी रही।

दरअसल करीब पांच दशक बाद वह अवसर आया था जब पहली बार राम जन्मभूमि पर भी खुशियों के दीपक जले। और ये खुशी का मौका था, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत होना। बता दें कि इस शुभ घड़ी के लिए न जाने कितने साधु-संतों ने कुर्बानी दी। ऐसे में इस खास मौके के नाते सरकार ने इसे खास बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। रही-सही कसर अपने आराध्य के स्वागत में लोगों की वर्चुअल सहभागिता ने पूरी कर दी।
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