रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह गिरफ्तार, 740 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला

साल 2016 में दोनों भाइयों ने फोर्ब्स की 100 सबसे अमीर भारतीयों की लिस्ट में 92वें नंबर पर जगह बनाई थी। उस वक्त दोनों की संपत्ति 8,864 करोड़ रुपए थी। पिछले साल शिविंदर और मलविंदर सिंह पर आरोप लगे कि उन्होंने फोर्टिस के बोर्ड के अप्रूवल के बिना 500 करोड़ रुपए निकाल लिए।

Written by: October 10, 2019 8:50 pm

नई दिल्ली। देश की जानी-मानी दवा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह को दिल्‍ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। शिविंदर सिंह के अलावा कवि अरोड़ा, सुनील गोधवानी और अनिल सक्सेना भी गिरफ्तार किए गए हैं। शिकायत के मुताबिक शिविंदर सिंह और अन्य लोगों पर 740 करोड़ रुपए का फंड डायवर्ट करने के आरोप हैं।

इस मामले में शिविंदर के भाई मलविंदर भी आरोपी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मलविंदर की तलाश की जा रही है। दिल्‍ली पुलिस ने यह कार्रवाई रेलीगेयर इंटरप्राइजेज लिमिटेड की शिकायत पर की है। रेलीगेयर ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने कंपनी के पैसे को दूसरी जगह इस्‍तेमाल किया है। इसके साथ ही इन पर पैसे गबन का आरोप है।

साल 2016 में दोनों भाइयों ने फोर्ब्स की 100 सबसे अमीर भारतीयों की लिस्ट में 92वें नंबर पर जगह बनाई थी। उस वक्त दोनों की संपत्ति 8,864 करोड़ रुपए थी। पिछले साल शिविंदर और मलविंदर सिंह पर आरोप लगे कि उन्होंने फोर्टिस के बोर्ड के अप्रूवल के बिना 500 करोड़ रुपए निकाल लिए। फरवरी 2018 तक मलविंदर फोर्टिस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और शिविंदर नॉन-एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन थे। फंड डायवर्ट करने के आरोपों के बाद दोनों को बोर्ड से निकाल दिया गया। शिविंदर और मलविंदर सिंह ने 1996 में फोर्टिस हेल्थकेयर की शुरुआत की थी।

सिंगापुर की एक कंपनी को इन्‍हें 3500 करोड़ रुपये का भुगतान करना है जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी इन्‍हें पैसे का भुगतान करने कह चुका है। कोर्ट ने इस दौरान यह भी कहा कि यह देश से जुड़ा मामला है किसी खास व्‍यक्‍ति की प्रतिष्‍ठा से जुड़ा नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि आप कभी फार्मा इंडस्ट्री की पहचान थे और यह ठीक नहीं लगता कि आप कोर्ट में आएं।

बता दें कि रैनबैक्‍सी देश ही नहीं दुनिया की नामी कंपनी है जिसकी खासा पहचान है। इस कंपनी को 2008 में जापानी कंपनी दाइची सांक्यो ने इसे खरीद लिया था। इसके बाद रैनबैक्‍सी एक बार फिर बिकी इस बार दाइची ने इसे सनफार्मा को बेच दिया।