मायावती के अलग होने के बाद गठबंधन को लग सकता है एक और झटका

इससे पहले 4 जून को मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा था कि, बसपा को सपा के वोट ट्रांसफर नहीं हुए। साथ ही उन्होंने यादव वोट के सपा से खिसकने का भी दावा किया।

Written by: June 5, 2019 12:10 pm

नई दिल्ली। अस्थाई रूप से यूपी में गठबंधन से बसपा के अलग होने के बाद से सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी यूपी में होने वाले विधानसभा उपचुनावों में अकेले लड़ने की बात कह दी है। इन खबरों के बीच गठबंधन को एक और झटका लग सकता है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में बसपा प्रमुख मायावती के बाद अब राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया चौधरी अजीत सिंह भी गठबंधन का साथ छोड़ सकते हैं। बता दें कि सपा-बसपा के साथ आरएलडी भी गठबंधन का हिस्सा थी। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य भाजपा को रोकना था, लेकिन तीनों पार्टियों को मुंह की खानी पड़ी।

सूत्रों से खबर है कि गठबंधन से जल्द RLD भी अलग हो सकती है। इसे लेकर जयंत चौधरी पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर शाम तक अंतिम फैसला ले सकते हैं। चुनाव नतीजों की बात करें तो सबसे ज्यादा फायदा बसपा को हुआ है। नतीजों के मुताबिक 10 सीटें बसपा को तो सपा को सिर्फ 5 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि पश्चिमी यूपी की पार्टी RLD को एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हो पाई थी।

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इससे पहले 4 जून को मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा था कि, बसपा को सपा के वोट ट्रांसफर नहीं हुए। साथ ही उन्होंने यादव वोट के सपा से खिसकने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि यादव बाहुल्य सीटों पर अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव और भाई अक्षय यादव का चुनाव हार जाना इस बात का संकेत है कि यादव वोट भी अब सपा के साथ बंधा नहीं रह गया है। मायावती ने अखिलेश और डिंपल से अच्छे निजी रिश्तों का हवाल देते हुए कहा कि वे भविष्य में भी उनके दुख-सुख के साथी बने रहेंगे।