सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल पर मुस्तैद आरएसएस, एक भी हिंदू का नाम नहीं छूटेगा

संघ का मानना है कि सिटीजन अमेंडमेंट बिल का समर्थन बीजेपी विरोधी दल भी करेंगे और ये आसानी से संसद के दोनों में पास हो जाएगा।

Written by: December 8, 2019 9:10 pm

नई दिल्ली। संसद में नागरिकता संशोधन बिल(सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल) को लेकर आरएसएस की पूरी तैयारी है। आरएसएस ने जनता के बीच इसका संदेश देने की मुहिम शुरू कर दी है। आरएसएस ने देश की जनता के सामने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में रह रहे हिन्दुओं की दुर्दशा पर पूरी जानकारी देने के लिए सूचना का तंत्र तैयार किया है।rss लोगों को इस बारे में जागरूक करने के लिए www.cab.getfacts.in नाम की वेबसाइट के जरिये तीनों देशों में रह रहे हिंदुओं की दशा और 1971 में बांग्लादेश के निर्माण के साथ ही भारत आये हिन्दुओं की पूरी जानकारी दी जाएगी।Mohan Bhagwat

संघ इस बात का पुख्ता इंतजाम करेगा कि नागरिकता संशोधन बिल(कैब) लागू होने के क्रम में इस बार एक भी हिन्दू का नाम रजिस्टर से छूटने ना पाए और कोई त्रुटि ना रह जाए। संघ के लिए ये राजनीतिक नहीं बल्कि भावनात्मक मुद्दा है।Mohan Bhagwat, RSS Chief

संघ का मानना है कि सिटीजन अमेंडमेंट बिल का समर्थन बीजेपी विरोधी दल भी करेंगे और ये आसानी से संसद के दोनों में पास हो जाएगा। विधेयक के ड्राफ्ट में धार्मिक उत्पीड़न की वजह से पड़ोसी देशों से 31 अगस्त 2014 से पहले के आये सभी गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है।rss

संघ को ये भरोसा है कि नए बिल(कैब) के जरिये आजादी के बाद से ही अल्पसंख्यक होने का दंश झेल रहे लगभग 2.5 से 3 करोड़ हिंदू, सिक्ख, बौद्ध, जैन, ईसाई आदि को एक पहचान मिल पाएगी। संघ का मानना है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान की माइनॉरिटी को पहली बार न्याय मिलने जा रहा है।