संजय राउत का दावा, इस बार शिवसेना का ही होगा मुख्यमंत्री

महाराष्ट्र में सीएम की कुर्सी के लिए चल रहे विवाद के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। इतना ही नहीं उन्होंने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना भी साधा।

Written by: November 1, 2019 10:38 am

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सीएम की कुर्सी के लिए चल रहे विवाद के बीच शिवसेना नेता संजय राउत  ने दावा करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। इतना ही नहीं उन्होंने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना भी साधा।

संजय राउत ने ट्विटर पर लिखा, ‘साहिब! मत पालिए, अहंकार को इतना, वक्त के सागर में कई सिकंदर डूब गए।’ हालांकि, इस ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया गया है लेकिन शिवसेना नेता का इशारा साफ है कि निशाने पर भारतीय जनता पार्टी है।


इतना ही नहीं शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है, ‘अगर शिवसेना ने निर्णय कर लिया तो महाराष्ट्र में स्थायी सरकार गठन के लिए आवश्यक बहुमत जुटा सकती है। उन्होंने यह भी कहा, ‘राज्य की जनता चाहती है कि जो भाजपा-शिवसेना के बीच 50-50 का फॉर्मूला तय हुआ था उसी पर बात आगे बढ़े। अगर ऐसा नहीं होता तो फिर उद्धव जी और हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचता है।’

Sanjay Raut, Shiv Sena

संजय राउत ने कहा कि जिनके पास बहुमत नहीं है, वह सरकार बनाने की ना सोचें। बीजेपी की ओर से कैबिनेट पद के ऑफर पर उन्होंने कहा कि हम लोग कोई ट्रेडर नहीं हैं। संजय राउत ने कहा कि शिवसेना दो तिहाई बहुमत जुटा सकती है।

संजय राउत ने साफ किया है कि लिखकर ले लीजिए मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा, सरकार गठन की प्रक्रिया तय वादों के हिसाब से ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि शरद पवार राज्य के बड़े नेता हैं, उनसे मुलाकात के कुछ और मायने नहीं निकालने चाहिए। संजय राउत ने कहा कि अब जनता शिवसेना का मुख्यमंत्री चाहती है।

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आपको बता दें कि शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच मुख्यमंत्री पद और कैबिनेट में हिस्सेदारी को लेकर खींचतान चल रही है। भाजपा शिवसेना को मुख्यमंत्री पद देने पर राजी नहीं है लेकिन शिवसेना अपनी मांग पर अड़ी है और हर बार 50-50 फॉर्मूले का हवाला दे रही है।


गुरुवार को हुई शिवसेना विधायक दल की बैठक से पहले भी संजय राउत ने तीखे तेवर दिखाए थे और कहा था कि हम अपनी मांग से पीछे नहीं हटे हैं, अगर कोई वादे से मुकरा है तो वह हमारे दोस्त (भाजपा) हैं।

महाराष्ट्र में जिस 50-50 फॉर्मूले को लेकर शिवसेना-भाजपा के बीच तकरार चल रहा है, वह बिहार से निकला है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बीच सीटों के बंटवारे में इस फॉर्मूले को आजमाया था। इसी को हथियार बनाते हुए शिवसेना अब तीसरी बार भाजपा पर दबाव बना रही है।

एक केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 50-50 फॉमूर्ला सबसे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार में सामने आया था। इसी फॉर्मूले के आधार पर बिहार में राजग की घटक भाजपा और जदयू के बीच सीटों का बंटवारा हुआ था। इसके बाद से शिवसेना प्रमुख उद्धव लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनाव तक इसी फॉर्मूले के दम पर सीटों के लिए दबाव बनाते रहे, लेकिन अब मुख्यमंत्री के पद के लिए दावा ठोकना 50-50 फॉर्मूले की गलत व्याख्या है।

महाराष्ट्र में इस बार बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, कांग्रेस को 44 और एनसीपी को 54 सीट मिली है। शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी साथ मिलकर सरकार बनाना चाहते हैं। संजय राउत और शरद पवार की मुलाकात महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा दे सकती है। महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना से चल रही खींचतान के बीच बीजेपी के राज्‍यसभा सांसद संजय काकड़े ने दावा किया था कि शिवसेना के 45 विधायक उनके संपर्क में हैं। बीजेपी सांसद संजय काकड़े के इस बयान से राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई। हालांकि कुछ जानकार इसे बीजेपी की ओर से प्रेशर पॉलिटिक्‍स करार दे रहे हैं। इस बार शिवसेना के 56 विधायक चुनकर आए हैं।