छात्रों की पिटाई के मामले में SC की चेतावनी, सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान किया और कानून हाथ में लिया तो नहीं सुनेंगे

जामिया में पुलिस की कार्यवाही को मुद्दा बनाने की कोशिश में जुटे मानवाधिकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में साफ चेतावनी दी है। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करेगा मगर साथ ही सर्वोच्च अदालत ने साफ कर दिया है कि अगर हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान जारी रहा तो वह सुनवाई नहीं करेगी।

Written by: December 16, 2019 11:48 am

नई दिल्ली। जामिया में पुलिस की कार्यवाही को मुद्दा बनाने की कोशिश में जुटे मानवाधिकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में साफ चेतावनी दी है। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करेगा मगर साथ ही सर्वोच्च अदालत ने साफ कर दिया है कि अगर हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान जारी रहा तो वह सुनवाई नहीं करेगी।

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यह मामला वकील इंदिरा जयसिंह ने उठाया था। इस पर सीजेआई ने कहा कि इस घटना में सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान किया गया और कानून व्यवस्था को हाथ में लिया गया। हम इस तरह के मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।

सीजेआई ने यह भी कहा कि पहले शांति व्यवस्था कायम हो तब हम इस मामले पर गौर करेंगे। हम किसी के अधिकारों के खिलाफ नहीं हैं पर कानून व्यवस्था कायम रखना सरकार के लिए जरूरी है। सीजेआई ने साफ कहा कि अगर सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान या कानून व्यवस्था को हाथ में लिया गया तो हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे।

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सीजेआई ने सॉलिसीटर जनरल से यह भी कहा कि घायलों के इलाज में ध्यान दिया जाए। इससे पहले वकील इंदिरा जयसिंह ने अलीगढ़ मुद्दा उठाया और कहा कि कोर्ट इसका स्वतः संज्ञान ले। छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और उनके मानवाधिकार का उल्लंघन किया गया। अदालत यूपी सरकार को नोटिस जारी करे।

इंदिरा जयसिंह ने कहा संविधान के मुताबिक शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका अधिकार है। इस पर सीजेआई ने कहा कानून व्यवस्था का ख्याल रखना सरकार का काम है।