‘सामना’ के जरिए शिवसेना ने फिर किया भाजपा पर हमला

सामना के लेख रोकटोक में संजय राउत ने भाजपा की तुलना हिटलर से कर दी है। उन्होंने कहा कि पांच साल दूसरों को डर दिखाकर शासन करने वाली टोली आज खुद खौफजदा है। यह उल्टा हमला हुआ है। डराकर मार्ग और समर्थन नहीं मिलता है

Written by: November 10, 2019 10:09 am

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में किसकी सरकार बनेगी अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है और पूछा है कि, क्या वो सरकार बनाने में इच्छुक हैं और सक्षम हैं? इसी बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने सामना के जरिए एक बार फिर से भाजपा पर हमला बोला है।

Sanjay Raut

सामना के लेख रोकटोक में संजय राउत ने भाजपा की तुलना हिटलर से कर दी है। उन्होंने कहा कि पांच साल दूसरों को डर दिखाकर शासन करने वाली टोली आज खुद खौफजदा है। यह उल्टा हमला हुआ है। डराकर मार्ग और समर्थन नहीं मिलता है, ऐसा जब होता है तब एक बात स्वीकार करनी चाहिए कि हिटलर मर गया है और गुलामी की छाया हट गई है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों को इसके आगे तो बेखौफ होकर काम करना चाहिए। इस परिणाम का यही अर्थ है।

महाराष्ट्र दिल्ली का गुलाम नहीं…

shivsena sanjay

संजय राउत ने लिखा है कि महाराष्ट्र की राजनीति महाराष्ट्र में ही हो। महाराष्ट्र दिल्ली का गुलाम नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री फडणवीस की सराहना की। फडणवीस ही दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे, ऐसा आशीर्वाद दिया, लेकिन 15 दिन बाद भी फडणवीस शपथ नहीं ले सके क्योंकि अमित शाह राज्य की घटनाओं से अलिप्त रहे। ‘युति’ की सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना ढलते हुए मुख्यमंत्री से बात करने को तैयार नहीं है. ये सबसे बड़ी हार है। इसलिए दिल्ली का आशीर्वाद मिलने के बाद भी घोड़े पर बैठने को नहीं मिला।

बीजेपी का सीएम ना हो….

sanjay raut

संजय राउत ने लिखा कि स्थिति ऐसी है कि इस बार महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन होगा? ये उद्धव ठाकरे तय करेंगे। राज्य के बड़े नेता शरद पवार की भूमिका महत्वपूर्ण साबित होगी और कांग्रेस के कई विधायक सोनिया गांधी से मिलकर आए हैं। महाराष्ट्र का निर्णय महाराष्ट्र को सौंपे, ऐसा उन्होंने भी सोनिया गांधी से कहा है। कुछ भी हो लेकिन दोबारा भाजपा का मुख्यमंत्री न हो, यह महाराष्ट्र का एकमुखी सुर है।

नहीं बिगड़नी चाहिए महाराष्ट्र की हवा…

Sanjay Raut

उन्होंने रोकटोक में लिखा है ‘दिल्ली की हवा बिगड़ गई इसलिए महाराष्ट्र की हवा नहीं बिगड़नी चाहिए। दिल्ली में पुलिस ही सड़क पर उतर आई और उन्होंने कानून तोड़ा। यह अराजकता की चिंगारी है। महाराष्ट्र में राजनैतिक अराजकता निर्माण करने का प्रयास करने वालों के लिए यह सबक है। महाराष्ट्र का निर्णय महाराष्ट्र में ही होने की दिशा में हम सभी निकल पड़े हैं।’