अपने आदर्शों से भटक रही शिवसेना अब कांग्रेस, एनसीपी के एजेंडे को महाराष्ट्र में आगे बढ़ाने की कर रही तैयारी…

देशभर में चल रहे नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र सरकार की ओर से ये कहा गया था कि वह इस कानून के खिलाफ विधानसभा में बिल नहीं लाएगी। लेकिन अब महाराष्ट्र सरकार में मुस्लिमों के लिए आरक्षण की चर्चा जोरो पर है।

Written by: January 31, 2020 5:52 pm

नई दिल्ली। देशभर में चल रहे नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र सरकार की ओर से ये कहा गया था कि वह इस कानून के खिलाफ विधानसभा में बिल नहीं लाएगी। लेकिन अब महाराष्ट्र सरकार में मुस्लिमों के लिए आरक्षण की चर्चा जोरो पर है।

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दरअसल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुसलमानों के लिए नौकरियों में आरक्षण शिवसेना के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के एजेंडे में है। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि उद्धव कैबिनेट की पिछली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई। बुधवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में इस पर विस्तार से चर्चा की गई कि इसके लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

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गौर हो कि साल 2014 में सूबे में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सरकार थी, तब मराठा के लिए 16 और मुसलमानों के लिए 5 फीसदी आरक्षण का प्रावधान ऑर्डिनेंस लाकर किया गया था। जिसके बाद चुनाव हुए और भाजपा और शिवसेना गठबंधन की सरकार सत्ता में आ गई।

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नई सरकार ने मराठा आरक्षण को बरकरार रखा, हालांकि  मुसलमानों के लिए आरक्षण पर कोई फैसला नहीं लिया गया। इससे यह अध्यादेश लैप्स हो गया था। तब भाजपा के साथ शिवसेना सत्ता में भागीदार थी, जब मुस्लिम आरक्षण के लिए अध्यादेश लैप्स हो गया था। हालांकि इसके बाद शिवसेना ने बीते दिनों कई बार मुस्लिम आरक्षण का राग अलापा था।

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अब ऐसे में उद्धव सरकार में मुसलामानों को आरक्षण देने की बात कहना कहीं न कहीं अपने आदर्शों से भटकती शिवसेना नजर आ रही है।