सरकार बनते ही बदले शिवसेना के ‘सुर’, सामना में लिखा- ठाकरे और मोदी भाई-भाई

‘सामना’ ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए लिखा है, ‘महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा-शिवसेना में अन-बन है, लेकिन नरेंद्र मोदी और उद्धव ठाकरे का रिश्ता भाई-भाई का है। इसलिए महाराष्ट्र के छोटे भाई को प्रधानमंत्री के रूप में साथ देने की जिम्मेदारी मोदी की है।

Avatar Written by: November 29, 2019 1:35 pm

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में काफी खींचातानी के बाद आखिरकार शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे कांग्रेस और एनसीपी की मदद से मुख्यमंत्री बन गए हैं और उन्होंने गुरुवार शाम शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी ने भी उद्धव ठाकरे को बधाई दी थी। बता दें, जो शिवसेना पिछले काफी दिनों से अपने मुख्यपत्र सामना के जरिए भाजपा पर हमलावर रही थी, उसके सुर अब बदल गए हैं और सरकार बनते ही सामना में पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है।

uddhav thackrey

पीएम मोदी की जमकर तारीफ

‘सामना’ ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए लिखा है, ‘महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा-शिवसेना में अन-बन है, लेकिन नरेंद्र मोदी और उद्धव ठाकरे का रिश्ता भाई-भाई का है। इसलिए महाराष्ट्र के छोटे भाई को पीएम मोदी की जिम्मेदारी है कि वो प्रधानमंत्री के रूप में साथ दें। प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं, सिर्फ एक पार्टी के नहीं होते।’

pm modi uddhav thackrey

बता दें कि उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए न्योता भी भेजा था। उद्धव ठाकरे ने खुद पीएम मोदी को फोन किया था। हालांकि, पीएम मोदी ने आने में असमर्थता जताते हुए फोन पर ही उद्धव ठाकरे को शुभकामनाएं दीं।

सरकार से सहयोग की उम्मीद

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अखबार ने आगे लिखा है, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने नई सरकार और मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दी हैं। हमारे प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र का विकास तीव्र गति से होगा। इसके लिए केंद्र की नीति सहयोग वाली होनी चाहिए।’

सरकार गिरने का डर!

Sonia Gandhi Sharad Pawar Uddhav

शिवसेना को कहीं न कही सरकार गिरने का भी डर सता रहा है। ‘सामना’ मे लिखा गया है, महाराष्ट्र की जनता ने जो निर्णय दिया है, दिल्ली उसका सम्मान करे और सरकार की स्थिरता न डगमगाए, इसका ख्याल रखे। दिल्ली के दरबार में महाराष्ट्र चौथी-पांचवीं कतार में नहीं खड़ा रहेगा, बल्कि आगे रहकर ही काम करेगा, परंपरा यही रही है।’