अराजकतत्वों ने तोड़ी भगवान शिव की मूर्ति, प्रशासन ने कहा ‘आकाशीय बिजली से टूटी होगी’

फिलहाल खबरों की मानें तो राज्य सरकार की तरफ से मूर्ति के जीर्णोंद्धार के लिए और उसके आसपास सौंदर्यीकरण के लिए जिला नियोजन समिति के माध्यम से 20 लाख रुपये की मंजूरी कर दी गई है।

Written by: July 27, 2019 9:40 am

नई दिल्ली। सावन का महीना चल रहा है, भगवान महादेव को जल चढ़ाने के भक्तों का तांता लगा हुआ है, भक्तों की टोलियां सुर्खियों में बनी हुई हैं। लेकिन इन सब खबरों से अलग महाराष्ट्र में भगवान शिव की मूर्ति टूटने की खबर भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।

बता दें कि महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के प्रतापगढ़ में एक पहाड़ी पर भगवान शिव की मूर्ति स्थित थी। इस मूर्ति को लोग 400 साल पुरानी बता रहे हैं। 20 फुट ऊंची इस मूर्ति के टूटने की खबर आई है। मूर्ति टूटने के पीछे दो कारण सामने आए हैं। पहला तो ये कि इस मूर्ति को अराजकतत्वों ने शांतिभंग करने के लिए तोड़ी है।

वहीं दूसरा कारण प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि, आकाशीय बिजली गिरने की वजह से यह मूर्ति टूटी होगी। ट्विटर पर इस मूर्ति को लेकर अभ्युदय नाम के एक शख्स ने लिखा है कि “आज ही स्थानीय मीडिया में यह बात सामने आई है कि शिव की यह विशाल मूर्ति कुछ ‘शांतिदूतों’ ने तोड़ दी है। शांति दूतों ने असल में भगवान की प्रतिमा नहीं, बल्कि सौहार्द को तोड़ा है और यह सन्देश दिया है कि ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ कुछ नहीं होती है।”


बात बढ़ी तो प्रशासन हलचल में आया, अधिकारियों ने घटनास्थल पर जाकर निरीक्षण किया। बाद में उनकी तरफ से कहा गया कि ‘जाँच की जा रही है और मुमकिन है कि प्राकृतिक बिजली गिरने के कारण भी मूर्ति टूट सकती है।’ अधिकारियों का मानना है कि मूर्ति करीब 20 फुट ऊंची थी, जिस वजह से किसी व्यक्ति द्वारा इसे तोड़ा जाना संभव नहीं लगता है।

राजकुमार बदौले

हालांकि राज्य के पूर्व मंत्री राजकुमार बदौले घटना की गंभीरता देखते हुए मौके पर पहुंचे और घटना के सन्दर्भ में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री स्वयं इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल खबरों की मानें तो राज्य सरकार की तरफ से  मूर्ति के जीर्णोंद्धार के लिए और उसके आसपास सौंदर्यीकरण के लिए जिला नियोजन समिति के माध्यम से 20 लाख रुपये की मंजूरी कर दी गई है।