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Mainpuri By-Election: उपचुनाव में शिवपाल यादव को अखिलेश की पत्नी का समर्थन करना पड़ा भारी, सुरक्षा में हुई कटौती

Shivpal Yadav : इससे पहले सरकार ने अखिलेश से जुड़े कई नेताओं की सुरक्षा घटाई थी जिसमें अखिलेश यादव की पत्नी सांसद डिंपल यादव, आजम खान, एसपी महासचिव रामगोपाल यादव की Z+ सिक्युरिटी को घटाकर Y कैटेगरी कर दिया था।

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लखनऊ। मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव से पहले अखिलेश यादव के चाचा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को बड़ा झटका लगा है। हाल ही में मैनपुरी उपचुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ आए प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव की सुरक्षा में कटौती कर दी गई। शिवपाल सिंह यादव की सुरक्षा जेड श्रेणी के स्थान पर अब वाई श्रेणी की गई। मैनपुरी उपचुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ आए प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव की सुरक्षा में कटौती कर दी गई। शिवपाल सिंह यादव की सुरक्षा जेड श्रेणी के स्थान पर अब वाई श्रेणी की गई।

गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले सरकार ने अखिलेश से जुड़े कई नेताओं की सुरक्षा घटाई थी जिसमें अखिलेश यादव की पत्नी सांसद डिंपल यादव, आजम खान, एसपी महासचिव रामगोपाल यादव की Z+ सिक्युरिटी को घटाकर Y कैटेगरी कर दिया था। बदायूं के सांसद धर्मेंद्र यादव की वाई प्लस कैटेगरी की सिक्युरिटी को भी जारी रखा गया था।

आपको बता दें कि प्रदेश की योगी सरकार लगातार वीवीआइपी कल्चर को खत्म करने की कोशिश में लगी हुई है। सीएम योगी ने प्रमुख सचिव (गृह) को सिर्फ जरूरत के मुताबिक नेताओं को सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सभी वीवीआईपी और वीआईपी को मिली कैटेगरीवाइज सिक्युरिटी का रिव्यू किया गया था। इसके बाद कई नेताओं और मंत्रियों को दी गई सिक्युरिटी के संबंध में रिपोर्ट मंगाई गई थी। इसके बाद नेताओं की सुरक्षा में कटौती की गई थी।

Akhilesh and Shivpalसमझिए क्या है सुरक्षा की कैटेगरी का गणित

SPG : यह देश के कुछ चुनिंदा महत्वपूर्ण नेताओं और व्यक्तियों को दी जाने वाली सुरक्षा है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की कैटेगरी की सिक्युरिटी पीएम और उनके परिवारवालों को दी जाती है। एक्स पीएम के लिए यह 6 महीने तक रहती है। इसके अलावा स्पेशल लॉ के तहत यह फैसेलिटी राजीव गांधी के परिवार वालों को दी गई है।

Z Plus : इस सुरक्षा में 36 जवानों को किसी खास व्यक्ति के लिए तैनात किया जाता है। इसमें से 10 एनएसजी के कमांडो होते हैं और पुलिस ऑफिसर्स भी इसमें शामिल होते हैं। एनएसजी कमांडो मार्शल आर्ट माहिर होते हैं और बगैर हथियारों के भी दुश्मन से लड़ सकते हैं। वो MP 5 गन्स और कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस होते हैं। काफिले में जैमर भी होता है।

Z : इस सुरक्षा की इंटेंसिटी थोड़ी कम है जिस जगह पर खतरा जेड प्लस से कुछ कम हो तो, जेड कैटेगरी की सिक्युरिटी दी जाती है। इसमें सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ या पुलिस के 22 जवान तैनात रहते हैं। इनमें 5 एनएसजी कमांडो के साथ पुलिस ऑफिसर्स होते हैं।

Y : इसमें 11 जवान रहते हैं। इनमें 1 या 2 एनएसजी कमांडो होते हैं।

X : सिक्युरिटी की इस कैटेगरी में 2 जवान रहते हैं, जो आमतौर पर स्टेट पुलिस के होते हैं। इन्हें पीएसओ कहा जाता है।

 

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