Money Laundering Case: जेल जाने से बचे रॉबर्ट वाड्रा, दिल्ली कोर्ट से मिली जमानत

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगी को कोर्ट ने 5 लाख के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। बता दें कि जमीन खरीद और शेल कंपनियों के जरिए विदेशों में (लंदन और दुबई में) संपत्ति खरीदने के मामले में वाड्रा से अब तक प्रवर्तन निदेशालय कई बार लंबी पूछताछ कर चुका है।

Avatar Written by: April 1, 2019 4:42 pm

नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ का सामना कर रहे रॉबर्ट वाड्रा को सीबीआई की विशेष अदालत से राहत मिल गई। वाड्रा और उनके करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा की कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। दोनों ही अभी अंतरिम जमानत पर हैं। मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशों में शेल कंपनियों के जरिए संपत्ति खरीदने का आरोप वाड्रा पर है।

Robert_Vadra

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगी को कोर्ट ने 5 लाख के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। बता दें कि जमीन खरीद और शेल कंपनियों के जरिए विदेशों में (लंदन और दुबई में) संपत्ति खरीदने के मामले में वाड्रा से अब तक प्रवर्तन निदेशालय कई बार लंबी पूछताछ कर चुका है।

Robert-Vadra-

बता दें कि इससे पहले पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) राबर्ट वाड्रा की कस्टडी रिमांड चाहता है और इसी वजह से उसने जमानत का विरोध किया था। अदालत में ईडी के वकील ने कहा था कि वाड्रा के खिलाफ सबूत पर्याप्त हैं और उससे हिरासत में लेकर पूछताछ की  जानी चाहिए। जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पेट्रोलियम और रक्षा सौदों में रिश्वत ली है।
यह है पूरा मामला

robert vadra

ईडी एक पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स की जांच कर रहा है। इसे ओएनजीसी ने विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाने का निर्णय लिया था। सैमसंग इंजीनियरिंग को इसका हिस्सा बनाने के लिए ओएनजीसी ने पैसे दिए थे। इसके बाद सैमसंग ने संजय भंडारी की दुबई स्थित कंपनी इंटरनेशनल एफजेडसी को काम दिया।

priyanka-robert-vadraयह अनुबंध सैमसंग को दिसंबर 2008 में मिला था और कंपनी ने इसके बाद सेंटेक को 49,90,000 अमेरीकी डॉलर का भुगतान किया था। भंडारी की सेंटेक ने जून 2009 को लंदन के 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर में संपत्ति खरीदी थी। यह संपत्ति वर्टेक्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत थी।

सेंटेक ने वर्टेक्स के खाते में 17 करोड़ रुपये के स्टर्लिंग स्थानांतरित किए। वर्टेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने सारे शेयर स्काई लाइट इनवेस्टमेंट एफजेडईऊ दुबई ने खरीद लिया था जिसका पूरा नियंत्रण लंदन में सी थम्पी करते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार सी थम्पी रॉबर्ट वाड्रा के करीबी माने जाते हैं।

संजय भंडारी, सुमित चढ्डा (स्जय का लंदन स्थित रिश्तेदार), मनोज अरोड़ा और रॉबर्ट वाड्रा के बीच ईमेल के जरिए हुई बातचीत से पता चला है कि उन्हें वाड्रा की संपत्ति में गहरी रुची थी और वे इसके नवीकरण को लेकर किए जा रहे कामों को जानना चाहते थे।

ईडी का दावा है कि भंडारी ने स्टर्लिंग का 59 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन किया। इसके बावजूद मेयफेयर एफजेडई शारजाह दुबई को 17 करोड़ रुपये स्टर्लिंग के लिए 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर की संपत्ति बेच दी गई।

 

Support Newsroompost
Support Newsroompost