अब ट्रेन चलाएंगे इंडिगो और स्पाइसजेट! मोदी सरकार यूं बदल देगी रेलवे की तस्वीर

रेलवे के लिए भारी उत्साह की बात यह भी है कि इंडिगो और स्‍पाइसजेट जैसी प्रमुख एयरलाइन्स कंपनियों ने भी प्राइवेट ट्रेन चलाने में दिलचस्‍पी दिखाते हुए भारतीय रेलवे को प्रस्ताव भेजे हैं।

Written by: October 10, 2019 1:47 pm

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने रेलवे के कायाकल्प की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुराने जमाने की खस्ताहाल ट्रेनें और स्टेशनों की गंदगी अब इतिहास हो जाएगी। सरकार ने रेलवे स्टेशन और ट्रेनों के बड़े पैमाने पर निजीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी है। देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन तेजस को निजी हाथों में देने के बाद अब रेलवे ने स्टेशनों और ट्रेनों को प्राइवेट हाथों में देने की तैयारी मुकम्मल कर ली है।


रेलवे के लिए भारी उत्साह की बात यह भी है कि इंडिगो और स्‍पाइसजेट जैसी प्रमुख एयरलाइन्स कंपनियों ने भी प्राइवेट ट्रेन चलाने में दिलचस्‍पी दिखाते हुए भारतीय रेलवे को प्रस्ताव भेजे हैं। देश में पहली कॉर्पोरेट ट्रेन तेजस के चलने के बाद पर्यटन क्षेत्र की बड़ी कंपनियां भी इसमें दिलचस्‍पी दिखाने लगी हैं। रेलवे के मुताबिक मेक माई ट्रिप ने इसके लिए भारतीय रेलवे को एक प्रपोजल भी भेजा है।


भारतीय रेलवे अब 50 रेलवे स्टेशनों और 150 ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहा है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने इस सिलसिले में पहल की है। उन्होंने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव को इस बारे में एक लेटर लिखा है, इस चिट्ठी में 150 ट्रेनों और 50 रेलवे स्टेशनों का निजीकरण करने का जिक्र है ।

इस चिट्ठी में रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प की योजना की भी झलक है। नीति आयोग के इस लेटर में 400 रेलवे स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास बनाए जाने के लक्ष्य का भी जिक्र है। इसी वजह के जिसके चलते इन स्टेशनों के निजीकरण किया जाएगा। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने अपने पत्र में 6 एयरपोर्ट के निजीकरण के अनुभव का भी जिक्र किया । उनके मुताबिक कुछ ऐसा ही रेलवे के संदर्भ में भी किया जा सकता है।


उन्होंने इसके लिए एक सचिव स्तर के अधिकारियों के उच्च स्तरीय समूह को बनाने का सुझाव भी दिया है म इसमें नीति आयोग के सीईओ, चेयरमैन रेलवे बोर्ड, सेक्रेटरी डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स, सेक्रेटरी मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स को शामिल किया जाएगा।