चुनाव खर्च पर कांग्रेस के प्रस्ताव पर सुंधाशु त्रिवेदी ने दिया ऐसा जवाब कि हैरान रह गई कांग्रेस

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हम उस पार्टी से आते हैं, जहां दो-दो प्रधानमंत्री ऐसे आए, जिन्होंने प्रचारक जीवन लिया था। सब कुछ सम्पत्ति छोड़ दी थी, एक पैसा भी अपना नहीं था और शून्य से शिखर तक पहुंचे।

Written by: December 7, 2019 5:29 pm

नई दिल्ली। शुक्रवार को राज्यसभा में चुनाव में खर्च के बढ़ने को लेकर चिंता जताई गई। कांग्रेस के प्रो. एम. वी. राजीव गौड़ा के द्वारा पेश हुए ‘लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक, 2014’ पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के कई सदस्यों ने आम चुनाव में धन खर्च की वर्तमान सीमा को पर्याप्त बताते हुए कहा कि इसे बढ़ाए जाने से चुनाव प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।

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सुधांशु त्रिवेदी ने दिया कुछ ऐसा जवाब

चर्चा के दौरान भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने चुनाव खर्च की सीमा को समाप्त करने के सुझाव का विरोध किया और कहा कि ये भारत के संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। कांग्रेस को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह विचार एक ऐसी पार्टी के सदस्य की तरफ से आया है जिसमें लाल बहादुर शास्त्री जैसे सादगी पसंद नेता हुआ करते थे जो अपने पैबंद लगे कुर्ते को कोट के नीचे पहनना पसंद करते थे।

Sudhanshu Trivedi

भाजपा के दो प्रधानमंत्री शून्य से शिखर तक पहुंचे

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि बाजारवाद के इस दौर में व्यक्ति जब अपिरमित धन खर्च करेगा तो निश्चित तौर पर उसकी ‘‘विजिबिलिटी’’ बढ़ जाएगी। भाजपा की बात करते हुए उन्होंने कहा कि, हम उस पार्टी से आते हैं, जहां दो-दो प्रधानमंत्री ऐसे आए, जिन्होंने प्रचारक जीवन लिया था। सबकुछ सम्पत्ति छोड़ दी थी, एक पैसा भी अपना नहीं था और शून्य से शिखर तक पहुंचे।

अंत में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि, “इस विधेयक का विरोध करते हुए मैं यही कहूंगा कि, यह संविधान की मूल भावना, भारतीय समाज की मूल भावना, भारतीय समाज की परंपरा, और स्वत्रंतता आंदोलन की परंपरा की मूल भावना के खिलाफ है।”